आम बजट में दिल्ली के लिए किए गए आवंटन पर आप सरकार ने नाराजगी जताई है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के लोग टैक्स के रूप में हर साल 1.5 लाख करोड़ रूपये का भुगतान करते हैं, लेकिन इसके बदले में बजट में केवल 325 करोड़ रूपये ही मिले हैं। ऐसा कई वर्षों से हो रहा है। केंद्र सरकार ने भाजपा शासित एमसीडी को भी कुछ नहीं दिया, यह दुखद है।
बजट-2021 पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली सरकार में वित्त मंत्री सिसोदिया ने कहा कि बजट का सबसे निराशाजनक पहलू यह रहा कि इसमें शिक्षा को बढ़ाने के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया। जबकि केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति का खूब प्रचार किया था, लेकिन बजट में शिक्षा के मद में 6000 करोड़ रूपये की कमी कर दी गई। इससे साफ हो जाता है कि शिक्षा के प्रति सरकार की सोच क्या है।
दिल्ली में बजट को लेकर दिल्ली सरकार और एमसीडी में लगातार झगड़ा चलता रहता है। भाजपा शासित नगर निगम राज्य सरकार से अपने लिए ज्यादा फंड की मांग करती रही है, लेकिन आप सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। बजट पर मनीष सिसोदिया की टिप्पणी को उसी दृष्टि से देखा जा रहा है।