देश में आम बजट पेश होने के बाद राजनीतिक बयानबाजियां तेज हो गईं हैं। इसी क्रम में सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बजट को जनविरोधी बताया। उन्होंने कहा कि इस पेपरलेस बजट में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बजट अमीरों को और धनवान व निर्धन को और गरीब बनाएगा, वहीं मध्यम वर्ग को इसमें कुछ भी नहीं मिला है।
ममता ने लोगों से कहा कि चिंता न करें, क्योंकि इस बार मां, माटी, मानुष (टीएमसी) सरकार वापस सत्ता में आ रही है। वहीं उन्होंने भाजपा को एक गैस का गुब्बारा बताया। वहीं तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले कुछ नेताओं को दिल्ली बुलाने के लिए भाजपा द्वारा चार्टर्ड विमान की व्यवस्था किए जाने का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि उनके पास प्रवासी श्रमिकों की यात्रा के लिए पैसे नहीं हैं लेकिन चार्टर्ड विमानों में भ्रष्ट नेताओं को बुलाने के लिए पैसे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा राष्ट्रवाद पर दूसरों को भाषण देते हैं, लेकिन वास्तव में वे ही देश को बेच रहे हैं। वे पीएसयू, बीमा, रेलवे और बंदरगाहों से लेकर सबकुछ बेच रहे हैं।
वहीं इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओब्रायन ने कहा कि भारत का पहला कागज रहित बजट शत-प्रतिशत दूरदर्शिता रहित बजट भी है। इस फर्जी बजट की थीम भारत को बेचना है। उन्होंने कहा कि रेलवे बिक गया, हवाईअड्डे बिक गए, बंदरगाह बिक गए, बीमा कंपनियां बिक गईं, 23 पीएसयू बिक गए।
डेरेक ओब्रायन ने कहा कि ग्रामीण सड़कों को बनाने के मामले में पश्चिम बंगाल देश में नंबर एक है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल ने कल ही कर दिया, केंद्र सरकार आज केवल बातें कर रही है।
काम करने की अनुमति नहीं, पार्टी छोड़ दूंगा: तृणमूल विधायक
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले कई नेताओं के तृणमूल कांग्रेस छोड़कर जाने के बीच डायमंड हार्बर से दूसरी बार विधायक बने दीपक हलदर ने पार्टी नेतृत्व पर उन्हें लोगों के लिए काम नहीं करने देने का सोमवार को आरोप लगाया और कहा कि वह जल्द ही पार्टी छोड़ देंगे।
इसके साथ ही उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगने लगी हैं। हालांकि हलदर भगवा खेमे में शामिल होने को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मैं दो बार विधायक चुना गया हूं, लेकिन 2017 के बाद से मुझे जनता के लिए ठीक से काम नहीं करने दिया जा रहा।
नेतृत्व को सूचित किए जाने के बावजूद हालात को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। मुझे पार्टी कार्यक्रमों की कोई जानकारी नहीं मिलती। मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों और समर्थकों के प्रति जवाबदेह हूं।
हलदर ने कहा कि इसलिए मैंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है। मैं जिला और राज्य अध्यक्ष को जल्द ही अपना इस्तीफा सौंप दूंगा। हलदर पिछले कुछ महीनों से पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बोल रहे हैं।
हलदर को भाजपा नेता सोवन चटर्जी का तब से निकट सहयोगी माना जाता है, जब चटर्जी तृणमूल में थे। उन्होंने चटर्जी से दक्षिण कोलकाता स्थित उनके आवास पर हाल में मुलाकात की थी।