लोकसभा में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा, 'हमें उम्मीद थी कि चूंकि बजट अभूतपूर्व समय में प्रस्तुत किया जा रहा है, इसलिए हम इसमें अभूतपूर्व लक्ष्य की झलक देखेंगे। लेकिन यह अभूतपूर्व समय में एक आम बजट है जिसके माध्यम से सरकार निजीकरण का मार्ग अपनाकर खुद को बचाना चाहती है। कुछ राज्यों में चुनाव हैं इसलिए उन्होंने 'वोट के लिए सड़क' बनाई। उन्होंने पैसा खर्च करने की बात कही लेकिन हमें कोई अनुदान नहीं मिला। हमें उम्मीद थी कि वे गरीबों की मदद करने के लिए नकदी हस्तांतरित करेंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। विनिवेश, निजीकरण-सरकार का मानना है कि देश को बिक्री के लिए रख देना चाहिए।'
ये प्रगतिशील बजट है: अमिताभ कांत
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा, 'शानदार बजट। यह न केवल हमारे कोविड रिकवरी के चरण में तेजी लाएगा बल्कि 3-4 साल के लिए एक दिशा भी प्रदान करेगा। सरकार ने इस बार बुनियादी ढांचे और संपत्ति के मुद्रीकरण पर ध्यान केंद्रित किया। सरकार की सोच दर्शाता है कि लंबी अवधि में निजी क्षेत्र को शामिल करना आवश्यक है। यह एक बहुत ही व्यावहारिक, तर्कसंगत और प्रगतिशील बजट है। सबसे महत्वपूर्ण बात, टैक्स (कर) के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई है और कोई नया सेस नहीं लगाया गया है।'
रक्षा मंत्री ने बजट को बताया शानदार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'लोगों को इस तरह के बजट की उम्मीद नहीं थी, क्योंकि एक तरह से, सरकार ने पहले 5 मिनी-बजट पेश किए थे। कई पैकेजों की घोषणा की गई, जिसका अत्मनिर्भर भारत भी एक हिस्सा है। यह एक शानदार बजट है। इसकी जितनी तारीफ की जाए, कम है।'
कांग्रेस ने वित्त मंत्री पर साधा निशाना
कांग्रेस ने बजट 2020-21 पेश किए जाने के बाद सोमवार को दावा किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भाषण में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 37 महीनों की रिकॉर्ड गिरावट का उल्लेख नहीं है और इसमें अर्थव्यवस्था को गति देने पर ध्यान नहीं दिया गया। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने ट्वीट किया, 'वित्त मंत्री के भाषण में इसका कोई जिक्र ही नहीं हुआ कि जीडीपी में 37 महीनों की रिकॉर्ड गिरावट है। 1991 के बाद से यह सबसे बड़ा संकट है।'
नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा, 'मेरी राय में, वित्त मंत्री ने आम बजट को लेकर बहुत सारी उम्मीदें जताई थीं और उन्होंने उन सभी को पूरा भी किया है। वर्तमान समय को देखते हुए, बजट भारत की वृद्धि पर केंद्रित है और विकास दर में तेजी लाने के लिए अनुकूल है। यह (रक्षा) भाषण का हिस्सा नहीं था, लेकिन यह (बजट का हिस्सा) इसमें है। वित्त मंत्री ने बजट में 6 प्रमुख स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया है। रक्षा खर्च महत्वपूर्ण है लेकिन हमारी प्रगति से कम जुड़ा हुआ है। बजट 2021 हमारी प्रगति की गति बढ़ाने पर केंद्रित है।'