राज्यसभा में बुधवार से बजट-2021 पर चर्चा शुरू हुई। विपक्षी सदस्यों ने जहां सरकार पर बजट में आम लोगों से जुड़ी योजनाओं में कटौती का आरोप लगाया तो वहीं सत्ताधारी दल के सांसदों ने बजट को गरीबों का हितैषी ठहराया। संसद के इतिहास में यह छठवीं बार था जब बजट पर चर्चा की शुरुआत उच्च सदन से हुई आमतौर पर लोकसभा में पहले चर्चा होती है।
कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल ने बजट को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए क्रोनी कैपिटलिज्म का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, देश में दो चार बिग ब्वाय हैं जिनके पास देश की अधिकतर संपत्ति है। इनमें से एक वेरी बिग ब्वाय है जिसके पास हवाई अड्डे, गैस, रेल, बंदरगाह सब हैं।
उन्होंने तंज कसा कि अब जिसके हवाई जहाज में घूमते थे उसे हवाई अड्डा तो देना ही पड़ेगा। सिब्बल ने सरकार पर बजट में चुनावी राज्यों के लिए विशेष प्रावधान लाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ये सरकार बजट में वोटबैंक पॉलिटिक्स करती है और बजट के बाहर नोट बैंक पॉलिटिक्स करती है।
देश में कौन नहीं चाहता कि भारत आत्मनिर्भर बने लेकिन सरकार को बताना चाहिए कि क्या देश का किसान, देश का दलित वर्ग, देश का एमएसएमई सेक्टर आत्मनिर्भर है। सिब्बल ने कहा, दिल्ली की सीमाओं पर देश का किसान शांतिपूर्ण प्रदर्शन इसलिए कर रहा है क्योंकि वो आत्मनिर्भर है।
लोगाें की रक्षा करने वाला बजट: सुशील कुमार मोदी
भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि मोदी सरकार ने जान है तो जहान है की तर्ज में आम लोगों की रक्षा करने वाला बजट पेश किया है। बजट रोजगार पैदा करने और गरीबी दूर करने के साथ आत्मनिर्भर बनाने वाला है। उन्होंने कहा, नरेंद्र मोदी के नाम पर ‘एन’ का मतलब न्यू इंडिया हुआ है।
पीएम मोदी ने अगर कोरोना काल में कड़ाई से लॉकडाउन न किया होता तो देश में एक लाख से अधिक लोगों की मौत होती। उन्होंने कहा, इस दौरान राजस्व वसूली कम होने के बाद भी सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाया है।
लॉकडाउन में छोटे छोटे पांच बजट दिए
सुशील मोदी ने कहा, सरकार ने लॉकडाउन के दौरान विभिन्न वर्गों को छोटे-छोटे पांच बजट दिए। सरकार ने अस्सी करोड़ गरीबों को मुफ्त अनाज वितरित किया। जनधन खातों में 20 करोड़ महिला खाताधारकों और उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त सिलेंडर दिए गए। सरकार ने लॉकडाउन में लोगों की बीमारी से जान बचाई और उनके रोजगार की भी चिंता की। सरकार ने बजट में आयुष पर अधिक खर्च करने की योजना बनाई है।
विपक्ष से सवाल, क्या लाकडाउन में बिरला-अडाणी को सुविधाएं दी
सुशील मोदी ने विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या क्या लॉकडाउन के दौरान सरकार ने जो सुविधाएं मुहैया कराईं वे टाटा, बिरला या अडाणी को दी गईं। उन्होंने कहा, इस बजट की किसी ने भी आलोचना नहीं की है। विपक्ष का काम है आलोचना करना और कपिल सिब्बल के भाषण ने निराश किया है। बजट का ही प्रभाव था कि 23 साल बाद सेंसेक्स और निफ्टी के सूचकांक रिकार्ड स्तर पर पहुंचे।
चर्चा के लिए एक घंटे का समय बढ़ा
बजट पर चर्चा के लिए अतिरिक्त समय की मांग पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आम सहमति से राज्यसभा का समय एक घंटे बढ़ाकर तीन बजे तक भी किया। हालांकि कांग्रेस सांसद जयराम रमेश बजट पर दस घंटे के बजाय कम से कम 12 घंटे चर्चा करने की मांग रखी थी।