वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार ओडीएफ व्यवहार को बनाए रखने और इसे सुनिश्चित करने के लिए कि कोई व्यक्ति इससे अछूता न रहे इसलिए ओडीएफ प्लस के लिए वचनबद्ध है। तरल और धूसर जल प्रबंधन की दिशा में और अधिक कार्य किए जाने की आवश्यकता है। मुख्य ध्यान ठोस अपशिष्ट जमा करने, स्रोत पर ही अलग करने और उसके शोधन पर होगा।
उन्होंने कहा, वर्ष 2020-21 में स्वच्छ भारत अभियान के लिए कुल 12300 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी परिवारों को पाइपलाइन के जरिए जलापूर्ति करने के उद्देश्य से जलजीवन अभियान के लिए 3.60 लाख करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस योजना में स्थानीय जलस्रोतों को बढ़ाने, मौजूदा स्रोतों को रिचार्ज करने जैसी प्रोत्साहन गतिविधियां शामिल हैं। 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
सरकार ने राज्यों से कहा है कि वह कृषि संबंधी तीन आदर्श केंद्रीय कानून को अपनाएं। साथ ही कृषि की लागत को कम करने के लिए सरकार ने पानी के उचित इस्तेमाल और खाद का संतुलित इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव दिया। रासायनिक खाद का इस्तेमाल कम से कम करने और जैविक खाद को बढ़ावा देने को कहा।
केंद्र सरकार भी लाई ओडीओपी योजना
उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर ही केंद्र सरकार ने बागवानी उत्पादों के लिए एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना प्रारंभ करने की घोषणा की है। हॉर्टीकल्चर सेक्टर का उत्पादन 311 मिलियन मीट्रिक टन की मात्रा को पार कर चुका है। प्रत्येक जिले में एक विशिष्ट बागवानी उत्पाद को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे हर जिले में ट्री कवर भी बढ़ेगा।