अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए फंड आवंटन में 340 करोड़ की मामूली वृद्धि की है। अंतरिक्ष कार्यक्रमों को कुल 13,479.47 करोड़ आवंटित किए गए हैं। पिछले वर्ष 2019-20 में 13,139.26 करोड़ दिए गए थे।
सेंटर सेक्टर प्रोजेक्ट्स के लिए फंड बढ़ाकर 12,587 करोड़, स्पेस टेक्नोलॉजी के लिए 9,761 करोड़ रुपये, अंतरिक्ष एप्लीकेशन के लिए 1,810 करोड़ रुपये, स्पेस साइंस के लिए 265 करोड़ रुपये और इनसेट उपग्रह सिस्टम के लिए 750 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को सरकार ने चंद्रयान-3 के लिए भी मंजूरी दे दी है। इसरो इस पर तेजी से काम कर रहा है। इसमें खासे बजट की जरूरत है। इसरों के कई अन्य महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट हैं, जिनके लिए काफी धन की जरूरत होगी।