अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर बनाने के लिए प्रतिबद्ध: राष्ट्रपति
अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि एक देश एक कर यानी जीएसटी ने भी टेक्नोलॉजी के माध्यम से देश में पारदर्शी व्यापार को बढ़ावा दिया है। जब जीएसटी नहीं था तो दो दर्जन से ज्यादा अलग-अलग टैक्स देने होते थे। अब टैक्स का जाल तो समाप्त हुआ ही है, टैक्स भी कम हुआ है। मेरी सरकार भारत की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत करके अर्थव्यवस्था में हर स्तर पर काम किया जा रहा है। दुनियाभर से आने वाली चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत है। हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 450 बिलियन डॉलर से भी ऊपर के ऐतिहासिक स्तर पर है।
चंद्रयान-3, गगनयान और आदित्य-1 मिशन पर तेजी से हो रहा काम: राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का लक्ष्य, सदैव मानवता की सेवा रहा है। देश के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के अथक परिश्रम के कारण चंद्रयान-2 ने देश के युवाओं में टेक्नोलॉजी के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया है। मेरी सरकार द्वारा चंद्रयान-3 को स्वीकृति दी जा चुकी है। इसरो द्वारा मानव अंतरिक्ष यान कार्यक्रम- गगनयान तथा आदित्य-एक मिशन पर भी तेजी से कार्य हो रहा है।
सीडीएस से सेनाओं को और भी सशक्त, प्रभावशाली और आधुनिक बनाया जा रहा: राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में सैन्यबलों के पुनर्गठन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बदलते समय में, देश की रक्षा से जुड़ी नई और जटिल चुनौतियों का सामना करने के लिए मेरी सरकार, सेनाओं को और भी सशक्त, प्रभावशाली और आधुनिक बना रही है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति और सैन्य मामलों का मंत्रालय का गठन इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
2022 तक रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे सिक्किम और मिजोरम: राष्ट्रपति
उन्होंने कहा कि देश के 112 जिलों को एसपिरेशनल डिस्ट्रिक्ट- आकांक्षी जिले का दर्जा देकर इनमें गरीबों के विकास से जुड़ी एक-एक योजना पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। सरकार के प्रयासों की वजह से वर्ष 2022 तक सिक्किम, मिजोरम, मणिपुर और नागालैंड की राजधानियां रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगी।
बोडो संगठनों के साथ किया ऐतिहासिक समझौता: राष्ट्रपति
पांच दशकों से चली आ रही बोडो समस्या को समाप्त करने के लिए केंद्र और असम सरकार ने हाल ही में बोडो संगठनों के साथ ऐतिहासिक समझौता किया है। इस समझौते से, ऐसी जटिल समस्या, जिसमें 4 हजार से ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई, उसका समाधान निकला है। त्रिपुरा, मिजोरम, केंद्र सरकार और ब्रू जनजाति के बीच हुए ऐसे ही एक और ऐतिहासिक समझौते से, न सिर्फ दशकों पुरानी समस्या हल हुई है बल्कि इससे ब्रू जनजाति के हजारों लोगों के लिए सुरक्षित जीवन भी सुनिश्चित हुआ है। समझौते के बाद बोडो समुदाय के विकास के लिए सरकार द्वारा 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।