सरकार ने कुछ राज्यों की ओर से हो रहे नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध पर भी कड़ा संदेश दिया। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया कि कानून का पालन करने वाले राज्यों में ही केंद्र की योजनाओं और कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा। पुरातात्विक महत्व के स्थलों को विकसित करने के लिए जिन 5 राज्यों के स्थलों को चुना गया है उनमें सिर्फ एक तमिलनाडु ही विपक्षशासित है। इसके अलावा नई स्मार्ट सिटी, नए एयरपोर्ट, पर्यटन संबंधी योजनाओं में भी सहयोगी राज्यों को ही महत्व मिला है।
चुनाव आयोग के लिए 269 करोड़
चुनाव आयोग के लिए बजट में 269 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जबकि पिछले साल बजट में उसे 255.46 करोड़ रुपये मिले थे। इस बार साढ़े 13 करोड़ ज्यादा दिए गए हैं। विधि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी और चुनाव आयोग के पूर्व अधिकारी ने बताया कि इस राशि का इस्तेमाल लोकसभा और अन्य चुनावों में हुए खर्च के समायोजन में किया जाएगा। पिछले बजट में विधि मंत्रालय ने 2019 का लोकसभा चुनाव कराने के लिए आयोग को 666 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि आवंटित की थी। विधि मंत्रालय चुनाव आयोग के लिए प्रशासनिक मंत्रालय है। चुनावों के लिए कुछ राशि केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी दी जाती है जिसका बड़ा हिस्सा सुरक्षा कर्मियों के परिवहन और रसद में इस्तेमाल किया जाता है।