मोदी सरकार ने अपने आखिरी बजट में रेलवे का भी भरपूर ख्याल रखा है। सरकार के रेल बजट के केंद्र में नागरिकों की सुरक्षा, बेहतर सेवा और ट्रेन की गति है। बजट में वंदे भारत एक्सप्रेस के तर्ज पर मेक इन इंडिया को बढ़ाने की बात कही गई है। सरकार ने वर्ष 2019-20 में रेलवे के लिए 1.58 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय आवंटन की घोषणा की है। वर्ष 2019-20 में पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए अवसंरचना आवंटन को 21 प्रतिशत बढ़ाकर 58,166 करोड़ रुपये कर दिया गया है। बता दें कि साल 2018-19 में रेलवे को 1.48 लाख करोड़ और 2017-18 के बजट में 1.31 लाख करोड़ आवंटित किया गया था। वित्त मंत्री ने कहा कि उत्तर पूर्व के राज्यों में भी रेल सेवा का विस्तार किया गया है।
वित्तमंत्री ने बताया कि यह साल भारतीय रेल के लिए सबसे सुरक्षित साल रहा और अब ब्रॉडगेज पर देश में एक भी मानवरहित क्रॉसिंग नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत इंटरनेशनल सोलर अलायंस का सदस्य बना है। अंतरिम बजट में यात्री किराए एवं माल भाड़ा शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की गई।