बौद्ध समुदाय के कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर यह दावा किया है कि अयोध्या की विवादित जमीन बौद्धों की है। उनका कहना है कि वहां पहले एक बौद्ध स्थल था।
अयोध्या निवासी विनीत कुमार मौर्य द्वारा दायर इस याचिका में कहा गया है कि बाबरी मस्जिद के निर्माण से पहले उस जगह पर बौद्ध धर्म से जुड़ा ढांचा था।
याचिकाकर्ता का कहना है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण(एएसआई) द्वारा उस जगह पर की गई खुदाई के आधार पर उन्होंने यह दावा किया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश केबाद एएसआई ने वहां चार बार खुदाई थी।
याचिका में कहा गया है कि एएसआई की खुदाई में पता चला है कि वहां ऐसे स्तूप, दीवार और खंभे थे, जो बौद्ध विहार की विशेषताएं हैं। उनका यह भी दावा है कि जिन 50 गड्ढों की खुदाई हुई है वहां किसी भी मंदिर या हिन्दू धर्म से संबंधित ढांचे केअवशेष नहीं मिले हैं।