बेरोजगारी को वजह मानें या सरकारी विभागों में नौकरी की चाह, आलम ऐसा है कि बीटेक, एमटेक की डिग्री हासिल कर चुके युवा संविदा सफाई कर्मी की नौकरी करने के लिए भी तैयार हैं। इंजीनियर बनने के सपने को छोड़ वह हाथों में झाड़ू उठाने से गुरेज नहीं कर रहे। पूरे प्रदेश में 40 हजार संविदा सफाईकर्मियों की भर्ती होनी है। नगर निगम गाजियाबाद में 2317 संविदा सफाई कर्मचारियों की भर्ती होनी है। इसके लिए बड़ी संख्या में ऐसे युवाओं ने आवेदन किया है जो इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं। वहीं, एमए, बीए और बीकॉम अभ्यर्थियों की संख्या भी कम नहीं है।
2317 सफाई कर्मचारियों को भर्ती में 50 फीसदी सीटें एससी-एसटी कोटे के लिए आरक्षित हैं। इन 2317 पदों के लिए यूपी, दिल्ली, उत्तराखंड और हरियाणा से भी आवेदन काफी पहुंच रहे हैं। यह भर्ती स्थायी पदों के लिए नहीं बल्कि संविदा कर्मचारियों की है और वेतन भी इसमें ज्यादा नहीं है। संविदा सफाई कर्मचारी को करीब 15 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा।
बावजूद इसके सरकारी विभाग में नौकरी पाने के लिए युवाओं में होड़ मची है। यूपी सरकार ने इस पद के लिए कोई शैक्षिक योग्यता ही नहीं रखी है। नौकरी के इस ‘मुकाबले’ में बीटेक-एमटेक, एमकॉम, बीकॉम, एमए, बीए अभ्यर्थियों का सामना पांचवीं-आठवीं पास अभ्यर्थियों से होगा। अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा ने बताया कि अभी तक निगम में करीब 17 हजार आवेदन फार्म पहुंच चुके हैं। उम्मीद है कि अंतिम तिथि 24 अगस्त तक यह आंकड़ा 50 हजार तक चला जाएगा।