आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने यूपी के आजमगढ़ में रैली की और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। पूर्वांचल की बेरोजगारी को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं।
उन्होंने पूछा कि क्या किसानों की आय दोगुनी हुई है? क्या यहां के कारखाने शुरू हुए हो गए हैं। गोरखपुर में बंद पड़े कारखाने मोदी सरकार अब याद आए हैं, जब चुनाव में सिर्फ कुछ महीने बाकी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। इन्होंने अपने वायदों के मुताबिक दस प्रतिशत भी काम नहीं किए हैं।
मायावती ने कहा कि बीएसपी के रिजेक्टेड माल को माला पहनाते हैं अमित शाह। बीएसपी के नेताओं के बीजेपी में शामिल होने पर अमर उजाला ने अपने ऑनलाइन पोल में पाठकों से उनकी राय जाननी चाही। पोल का प्रश्न था- बीएसपी के नेताओं को पार्टी में शामिल करने से क्या बीजेपी को यूपी विधानसभा चुनाव में लाभ होगा?
इस पर पाठकों की प्रतिक्रिया जानने के लिए तीन विकल्प दिए गए थे। पहला- हां इससे बीजेपी को लाभ होगा, दूसरा- नहीं और तीसरा- कुछ नहीं सह सकते। कुल 5,396 पाठकों ने ऑनलाइन पोल में वोट किया। जिसमें सबसे अधिक 52.95 फीसद यानी 2,887 पाठकों ने पहले विकल्प को चुना। इनका मानना है कि बीएसपी नेताओं को पार्टी में शामिल करने से बीजेपी को फायदा होगा। जबकि 44.24 फीसद यानि 2,387 लोगों का यह मानना नहीं है। 2.82 फीसद यानि 152 लोगों का मानना है, कुछ कह नहीं सकते।