सूत्रों के मुताबिक बीते कुछ समय में हुई बहुजन समाज पार्टी की महत्वपूर्ण बैठकों में कई सांसदों को बुलाया तक नहीं गया। पार्टी से जुड़े एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि यह वे नेता हैं, जो लगातार दूसरे दलों के संपर्क में रहे थे। पार्टी को इसकी भनक काफी पहले ही लग चुकी थी। यही वजह है कि बहुजन समाज पार्टी ने अपनी कोर कमेटी की बैठक में अपनी सभी दसों लोकसभा सीटों पर पर्यवेक्षकों के माध्यम से पूरा जमीनी फीडबैक भी ले लिया है। बहुजन समाज पार्टी के एक नेता बताते हैं कि इस बार एक या दो सीटों को छोड़कर कोई भी सीट पर दोबारा टिकट नहीं मिलने वाला है। सूत्रों का कहना है की नगीना से बहुजन समाज पार्टी के सांसद गिरीश चंद्र पर जरूर मायावती दोबारा दांव लगा सकती हैं। गिरीश चंद्र जी ऐसे नेता है जो बीती कुछ बैठकों में शामिल भी हुए। उनकी सीट क्या होगी यह अभी तय नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने पिछले सप्ताह उत्तराखंड के नेताओं के साथ बैठक में जल्द ही प्रत्याशियों की घोषणा करने का इशारा भी किया था। इसमें सबसे पहले मायावती उत्तर प्रदेश के साथ दक्षिण के कुछ राज्यों में प्रत्याशियों को उतारने की कवायद करेंगी। इसके अलावा पंजाब में भी मायावती जल्दी प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती हैं। बहुजन समाज पार्टी का शिरोमणि अकाली दल के साथ हुआ गठबंधन टूट गया है। बहुजन समाज पार्टी का पूरा फोकस उत्तर प्रदेश में मजबूत प्रत्याशियों को उतार कर ज्यादा से ज्यादा सीटों के जीतने का है। इसके अलावा पार्टी ने पिछले सप्ताह हुई बैठक में पूरे देश में पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में ज्यादा वोट प्रतिशत हासिल करने का लक्ष्य भी कार्यकर्ताओं और नेताओं को दिया है।