एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) के चंडीगढ़ ज़ोनल ऑफिस-I ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत, बीएसएनएल चंडीगढ़ के तत्कालीन एसडीई (एसएमएससी) स्वर्णजीत सिंह और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में लगभग 1.50 करोड़ रुपये की कीमत वाली सात अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। आरोप है कि इन्होंने अवैध रूप से करोड़ों मैसेज भेजकर बीएसएनएल को राजस्व का भारी नुकसान पहुंचाया।
ईडी ने यह जांच सीबीआई, चंडीगढ़ द्वारा स्वर्णजीत सिंह, डोरस्टेप्स सॉल्यूशंस और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। जांच से पता चला कि स्वर्णजीत सिंह ने सौरभ त्यागी, मार्कोनी जेम्स मैकवान और प्रीति गोहेल के साथ मिलकर आपराधिक साज़िश रची। बीएसएनएल के एसएमएससी इंफ्रास्ट्रक्चर तक अनधिकृत पहुंच बनाई। इससे अनिवार्य डीएलटी /टनला प्लेटफ़ॉर्म और तय बिलिंग सिस्टम को दरकिनार करके बल्क एसएमएस ट्रैफ़िक को रूट करना संभव हो गया।
ईडी की जांच में यह भी पता चला कि एसएमएससी के ज़रिए लगभग 63.37 करोड़ बल्क पुश एसएमएस अवैध रूप से रूट किए गए। इससे बीएसएनएल को अनुमानित 5.42 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ। इसमें इंटरकनेक्शन यूसेज चार्ज के तौर पर लगभग 4.05 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। साथ ही, यह भी पता चला कि स्मार्ट टेक्नोलॉजी / डोरस्टेप्स सॉल्यूशंस और उनके सहयोगियों ने बाज़ार में प्रचलित दरों से कम दरों पर ऐसी अनधिकृत बल्क एसएमएस सेवाओं का लाभ उठाया और उनसे वित्तीय फ़ायदा कमाया।
अटैच की गई प्रॉपर्टीज़ में पंजाब के एसएएस नगर (मोहाली) में मौजूद खेती की ज़मीन और गुजरात के वडोदरा में मौजूद रिहायशी और कमर्शियल प्रॉपर्टीज़ शामिल हैं। इस अटैचमेंट के साथ, इस मामले में अटैच की गई प्रॉपर्टीज़ की कुल कीमत लगभग 2.30 करोड़ रुपये हो गई है। जांच के मौजूदा चरण में अपराध से हुई कमाई (प्रोसीड्स ऑफ़ क्राइम) की रकम लगभग 6.47 करोड़ रुपये आंकी गई है। इससे पहले, ईडी ने इस मामले में 27.03.2025 को 80 लाख रुपये की प्रॉपर्टी को प्रोविज़नल तौर पर अटैच किया था।