बीएसएनएल ने पूर्व सांसद जयंत चौधरी को डिफॉल्टर घोषित कर दिया है। उन पर करीब चौबीस हजार का बकाया है, जिसका भुगतान चार साल से नहीं किया गया है। विभाग के अनुसार उन्हें इस संबंध में कई दफा नोटिस भी जारी किए गए थे।
बीएसएनएल ने अपने डिफाल्टर उपभोक्ताओं की जो सूची जारी की है उसमें पूर्व सांसद जयंत चौधरी का भी नाम है। उनके लैंडलाइन बिल के बकाए पर कार्रवाई की गई है। बीएसएनएल के जीएम जीपी त्रिपाठी का कहना है कि पूर्व सांसद के नाम से जो प्राइवेट नंबर था उस पर बकाया चला आ रहा है। कई दफा नोटिस भी भेजे गए थे, लेकिन पेमेंट नहीं किया गया। लिहाजा डिफॉल्टर घोषित करने की कार्रवाई की गई।
रालोद महासचिव जयंत चौधरी के विश्व लक्ष्मीनगर स्थित आफिस पर यह फोन लगा था। अफसरों का कहना है कि लोक अदालत के माध्यम से नोटिसों के रिमाइंडर भिजवाए गए। यही नही बीएसएनएल की रिकवरी टीम भी कई बार उनके निवास विश्व लक्ष्मीनगर पर गई, पर बकाए का भुगतान नहीं किया गया। छह माह के इंतजार के बाद कार्रवाई की गई है। इनके साथ ही करीब दो सौ दूसरे उपभोक्ताओं को भी डिफाल्टर घोषित किया गया है।