बीएसएफ के 54वें स्थापना दिवस से एक दिन पहले उसके महानिदेशक रजनीकांत मिश्रा से पूछा गया था कि क्या खालिस्तानी आतंकवाद के दोबारा सिर उठाने के चलते फोर्स इस कॉरिडोर के आम जनता के लिए खोले जाने पर सुरक्षा कारणों को लेकर चिंतित है? इसी दौरान एक वरिष्ठ अधिकारी ने कॉरिडोर के लिए नई बटालियन व अन्य तैयारियों का आवेदन केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे जाने की जानकारी दी। बीएसएफ महानिदेशक रजनीकांत ने पूर्वी राज्यों से लगी सीमा पर पिछले एक साल से रोहिंग्या शरणार्थ्यों से जूझने के मसले पर कहा कि अब यह बड़ा मुद्दा नहीं है।
वरिष्ठ बीएसएफ अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान से लगी सीमा पर चिंता का सबब बनने स्नाइपर फायर से अपने जवानों की जान की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बल स्वदेश निर्मित बुलेटप्रूफ बंकरों का उपयोग कर रही है। साथ ही हालिया समय में दुश्मन की चौकियों पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए उसे भारी नुकसान पहुंचाने की भी नीति अपनाई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि बीएसएफ पश्चिमी मोर्चे पर मौजूद गांवों में रहने वाले लोगों की जनसांख्यिकी और आर्थिक स्तर का डाटा भी तैयार कर रही है, जिससे पाकिस्तान से लगे इलाकों में किसी भी तरह का बदलाव होने पर सरकार को तत्काल सूचित किया जा सके। हालांकि उन्होंने बीएसएफ की तरफ से जैसलमेर के सीमावर्ती इलाकों में मुस्लिम जनसंख्या की अचानक भारी बढ़ोतरी होने से जुड़ी कोई रिपोर्ट तैयार किए जाने की जानकारी होने से इनकार किया।