सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों को दिए जाने वाले खाने की शिकायत करने वाले जवान तेज बहादुर को वीआरएस नहीं लेने दिया गया है। बीएसएफ ने कहा है जब तक इस मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती तेज बहादुर को ऐच्छिक सेवानिवृत्ति नहीं दी जा सकती है।
बीएसएफ की दलील है कि वह खाने की शिकायत की चल रही कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का अहम हिस्सा है और ऐसे में उसे वीआरएस देना उचित नहीं होगा।
20 साल की सेवा के बाद तेज बहादुर ने सितंबर में वीआरएस के लिए आवेदन दिया, जिसे स्वीकार कर लिया गया था। उसे 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होना था, लेकिन इससे पहले तेज बहादुर ने खाने की शिकायत संबंधी वीडियो क्लीप अपलोड कर दिया। वीआरएस के लिए उन्हें एक बार फिर आवेदन करना होगा।
जम्मू के पुंछ में लाइन ऑफ कंट्रोल पर तैनात तेज बहादुर ने जवानों को खराब खाना दिए जाने की तस्वीरें और वीडियो को सोशल मीडिया पर डाल दिया था। इस मामले ने बाद में काफी तूल पकड़ा। खुद गृह मंत्री राजनाथ सिंह को इस संबंध में सफाई देनी पड़ी। गृह मंत्री ने बाद में इस मामले की जांच के आदेश जारी किए। तेज बहादुर के इस वीडियो के बाद कुछ और जवानों ने भी इस तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिए।