सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद क्षेत्र में भय का माहौल है, लेकिन उनके बल ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। वार्षिक प्रेस वार्ता में के दौरान बीएसएफ प्रमुख ने कहा कि बांग्लादेश में राजनीतिक संकट के बाद भी बीएसएफ पूरी तरह से तैनात और सतर्क है। बीएसएफ ने बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ समन्वय बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि सीमा पर होने वाली अवैध घुसपैठ पर हम कड़ी नजर बनाए हुए हैं। सीमा पर कोई अनधिकृत गतिविधि या अतिक्रमण नहीं हुआ है।
जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के बारे में बीएसएफ प्रमुख ने कहा कि सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर है। उनकी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। बता दें कि बीएसएफ को 4,096 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा का दायित्व सौंपा गया है। यह भारत की अपने किसी भी पड़ोसी देश के साथ सबसे लंबी भूमि सीमा है। यह सीमा असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के भारतीय राज्यों से होकर गुजरती है।
172 किलोग्राम सोना और 178 किलोग्राम चांदी जब्त
बीएसएफ के डीजी दलजीत सिंह चौधरी ने बताया कि, पिछले एक साल में पूर्वी सीमा पर बीएसएफ ने 11,800 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ, 32 लाख रुपये के नकली नोट, 172 किलोग्राम सोना और 178 किलोग्राम चांदी जब्त किया है। इसके अलावा 4168 बदमाशों को भी पकड़कर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया है। देश की पश्चिमी सीमा पर मजबूत और अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बीएसएफ ने कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।
दलजीत सिंह ने कहा कि, घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन के बढ़ते खतरों से निपटने के लिए यह रणनीति तैयार की गई है। सबसे संवेदनशील इलाकों की पहचान कर एंटी ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं। सुरंग बनाने की गतिविधियों का मुकाबला करने और घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने के लिए जम्मू और पंजाब की सीमाओं पर ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार सिस्टम स्थापित किए गए हैं।
सीमा पर निगरानी के लिए उन्नत सेंसर लगाए गए
चौधरी ने कहा कि भारत ने बांग्लादेश और पाकिस्तान सीमा पर संभावित घुसपैठ के हॉटस्पॉट की पहचान की है। अवैध गतिविधियों पर निगरानी और रोकथाम के लिए उन्नत सेंसर लगाए हैं। इसके अलावा, बीएसएफ ने लंबी दूरी की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए फ्लडलाइट्स, कैमरे, लॉन्ग-रेंज टोही और अवलोकन प्रणाली की स्थापना भी की है।