बीएसएफ की गुजरात फ्रंटियर के महानिरीक्षक अभिषेक पाठक ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान गुजरात की ओर मिसाइलें और 200 ड्रोन दागे थे और सीमा पर टैंक व भारी तोपखाने भी तैनात किए, लेकिन वह भारतीय सैन्य ठिकानों, जवानों या आम नागरिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सका, क्योंकि भारत की सुरक्षा बलों ने हर हमले को नाकाम कर दिया।
गांधीनगर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीएसएफ की भूमिका बताते हुए बीएसएफ की गुजरात फ्रंटियर के महानिरीक्षक अभिषेक पाठक ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से राजस्थान से लेकर कच्छ तक हमारी सीमा पर कुल लगभग 600 ड्रोन भेजे गए, जिनमें से करीब 40 फीसदी यानी 200 ड्रोन गुजरात की सीमा में दाखिल हुए। लेकिन हमने सेना और वायुसेना के सहयोग से इन हमलों को विफल कर दिया। न तो कोई जवान घायल हुआ और न ही किसी नागरिक को नुकसान पहुंचा। इन ड्रोन में से कुछ को मार गिराया गया।
उन्होंने आगे बताया, हमें पता चला कि पाकिस्तान ने न सिर्फ अपनी सीमा पर सेना की तैनाती बढ़ाई, बल्कि भारी तोपखाने और टैंक भी आगे की चौकियों पर तैनात किए। इस स्थिति को देखते हुए बीएसएफ, सेना, नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त रूप से तैयारियां कीं। वरिष्ठ अधिकारियों ने सीमा क्षेत्रों का दौरा कर तैनात जवानों को दिशा-निर्देश भी दिए।
उन्होंने बताया कि गुजरात की ओर मिसाइलें भी दागी गईं, लेकिन जमीन पर कोई नुकसान नहीं हुआ। पाठक ने बताया कि बीएसएफ की गुजरात फ्रंटियर ने "उच्च क्षमता वाले हथियार और निगरानी उपकरण" सभी सीमा चौकियों पर तैनात कर दिए थे, क्योंकि पहले ही पाकिस्तान सेना की गतिविधियों की जानकारी मिल गई थी।
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पाकिस्तान द्वारा भेजे गए ड्रोन हमलों पर उन्होंने कहा, बीएसएफ, सेना और अन्य संबंधित विभाग इन हमलों का विश्लेषण कर रहे हैं, ताकि भविष्य में और बेहतर प्रतिक्रिया दी जा सके। उन्होंने कहा, यह शायद पहली बार था जब इस तरह की स्थिति उत्पन्न हुई। बीएसएफ, अन्य बलों और संबंधित विभागों के लिए इसमें कई सीखें छुपी हुई हैं। हम हर पहलू का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि हमारी अगली प्रतिक्रिया और सटीक हो। किसी भी व्यवस्था में सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है।