फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

BSF Raising Day: पाक-बांग्लादेश सीमा पर नजर रखेगी 'तीसरी आंख', बीएसएफ की खास गाड़ी पकड़ेगी पाकिस्तानी 'ड्रोन'

सार

BSF Raising Day: बीएसएफ डीजी पंकज कुमार सिंह ने बल के 58वें स्थापना दिवस पर बताया, एंटी ड्रोन सिस्टम के अलावा बॉर्डर पर कई अन्य उपकरण भी लगाए जा रहे हैं। 'व्यापक एकीकृत सीमा प्रबंधन प्रणाली' (सीआईबीएमएस) के माध्यम से बॉर्डर चौकसी को और ज्यादा पुख्ता बनाया जाएगा...
विज्ञापन
BSF Raising Day: BSF plans to put up a CIBMS - फोटो : PTI (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सर्विलांस के लिए बीएसएफ द्वारा 'तीसरी आंख' का इस्तेमाल शुरू किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के 2290 किलोमीटर लंबे हिस्से पर 'सीआईबीएमएस' के जरिए सर्विलांस की तैयारी है, और इसका भी रोडमैप तैयार है। पाकिस्तान की तरफ से आने वाले ड्रोन, का पता लगाने के लिए एंटी ड्रोन सिस्टम 'एडीएस' लगे वाहनों की खरीद का प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय के समक्ष विचाराधीन है। सीमा सुरक्षा बल को अगर यह सिस्टम मिल जाता है, तो बॉर्डर पर पाकिस्तान की ओर से आने वाले ड्रोन का समय रहते पता लगाया जा सकता है। चूंकि यह सिस्टम वाहनों पर लगा होगा, ऐसे में एडीएस को इधर-उधर ले जाने में आसानी होगी। इस सिस्टम की मदद से भारतीय सीमा में रात को या धुंध के दौरान आने वाले ड्रोन का भी पता लगाया जा सकता है।

बीएसएफ के विभिन्न फ्रंटियर पर लगेगा सीआईबीएमएस

बीएसएफ डीजी पंकज कुमार सिंह ने बल के 58वें स्थापना दिवस पर बताया, एंटी ड्रोन सिस्टम के अलावा बॉर्डर पर कई अन्य उपकरण भी लगाए जा रहे हैं। 'व्यापक एकीकृत सीमा प्रबंधन प्रणाली' (सीआईबीएमएस) के माध्यम से बॉर्डर चौकसी को और ज्यादा पुख्ता बनाया जाएगा। बीएसएफ में  सीआईबीएमएस, मैनपावर, विभिन्न तरीके के सेंसर और नेटवर्क का एक समन्वित प्रयास है। इस तकनीकी सिस्टम को लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल ने अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के 2290 किलोमीटर लंबे हिस्से पर रोडमैप तैयार किया है। इस प्रस्ताव को जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंजूरी मिलने की उम्मीद है। योजना के पहले चरण में जम्मू और पंजाब फ्रंटियर के 310 किलोमीटर हिस्से को कवर किया जाएगा। दूसरे चरण में 575 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा पर यह सिस्टम लगेगा। तीसरे चरण के तहत राजस्थान और गुजरात से लगती पाकिस्तान की सीमा पर सीआईबीएमएस को लगाया जाएगा। योजना के चौथे चरण में 964 किलोमीटर लंबा बॉर्डर कवर होगा। इसमें उत्तरी बंगाल और गुवाहाटी फ्रंटियर शामिल रहेगा।

पीटीजेड, आईआरआईडीएस व सीसीटीवी 'स्टेटिक' कैमरा भी

पंकज कुमार सिंह ने कम कीमत वाले सर्विलांस सिस्टम 'एलसीटीएस' के बारे में बताया कि इसमें पीटीजेड कैमरा, सीसीटीवी 'स्टेटिक' कैमरा और आईआरआईडीएस तकनीक शामिल रहेगी। इसके जरिए घुसपैठ के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले पाइंट की चौकसी की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के इस प्रोजेक्ट के तहत 635 प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं। इनके अलावा बल के सात फ्रंटियर, जिसमें जम्मू, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, दक्षिण बंगाल, उत्तर बंगाल और गुवाहाटी शामिल हैं, इसके अंतर्गत 484 किलोमीटर लंबा बॉर्डर कवर होगा। बीएसएफ डीजी ने कहा, एलओसी के जिस हिस्से पर बीएसएफ तैनात हैं, वहां से घुसपैठ की कोई संभावना नहीं है। बीएसएफ प्रहरी एक दीवार बन कर बॉर्डर की चौकसी करते हैं।  

'एचएचटीआई' (अनकूल्ड) लॉन्ग रेंज वर्जन से होगी चौकसी

सीमा सुरक्षा बल ने ऐसे दो वाहन खरीदे हैं, जिन पर जैमर लगा है। ये दोनों वाहन उन जवानों की सुरक्षा के लिए हैं, जो जम्मू और श्रीनगर के बीच आवाजाही करते हैं। इन्हें उस रूट पर तैनात किया जाएगा, जहां से बल का काफिला गुजरेगा। बल ने हैंड हैल्ड थर्मल इमेजर 'एचएचटीआई' (अनकूल्ड) लॉन्ग रेंज वर्जन वाले कैमरे खरीदे हैं। इस माह के आखिर तक सीमा सुरक्षा बल को 546 'एचएचटीआई' (अनकूल्ड) लॉन्ग रेंज वर्जन कैमरे मिल जाएंगे। इसके बाद 878 'एचएचटीआई' कैमरे खरीदे जाएंगे। इनमें 842 (अनकूल्ड) और 36 (कूल्ड) कैमरे खरीदने की प्रक्रिया जारी है। बल के पास एरिया डोमिनेशन के लिए सौ ड्रोन हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पर्याप्त संख्या में ऐसे ड्रोन खरीदने को मंजूरी दी है। यह प्रक्रिया जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें