बीएसएफ ने पंजाब और जम्मू में पाकिस्तान सीमा पर ‘घुसपैठ रोधी ग्रिड’ को मजबूत करने के लिए बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है। इसके तहत इन अग्रिम इलाकों (फॉरवर्ड एरिया) में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों, हजारों सैनिकों को लामबंद किया गया है।
एक जुलाई को शुरू इस ऑपरेशन का नाम ‘सुदर्शन’ रखा है, जो एक हजार किमी. लंबी भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चलेगा। जम्मू में पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा की लंबाई 485 किमी. और पंजाब में 553 किमी. है। वरिष्ठ सैन्य सूत्रों के मुताबिक अभियान के तहत भारी मशीनरी, संचार इंटरसेप्टर और मोबाइल बुलेटप्रूफ बंकरों को शामिल किया है।
हजारों बीएसएफ कर्मी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। ऑपरेशन के तहत आतंकवादियों की घुसपैठ, ड्रग्स की आवाजाही रोकने और पाक की अकारण गोलीबारी का जवाब देने के मद्देनजर भारतीय रक्षा स्थिति एवं ठिकाने को मजबूत किया जा रहा है।
बीएसएफ के महानिदेशक रजनीकांत मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी अभियान के खत्म होने के बाद प्राप्त नतीजों की समीक्षा करेंगे। इसके बाद गृह मंत्रालय ऑपरेशन की अंतिम रिपोर्ट पर गौर करेगा। इसके बाद जरूरी उपकरण व औजार खरीद और आधारभूत संरचना आदि के लिए आवंटन किया जाएगा।
भगवान कृष्ण के ‘सुदर्शन चक्र’ से लिया नाम, एक पखवाड़े में ऑपरेशन खत्म करने लक्ष्य
भगवान कृष्ण के ‘सुदर्शन चक्र’ के नाम पर इस व्यापक ऑपरेशन का नाम ‘सुदर्शन’ रखा है। इसका मकसद दुश्मन का सफाया कर फौरन अपनी जगह लौटना है। बताया जा रहा है कि बीएसएफ की करीब 40 बटालियनों के फ्रंटियर और बटालियन कमांडर (महानिरीक्षक से कमांडेंट रैंक तक), उनके बाद वाले अधिकारी (सेकंड इन कमांड) और कंपनी कमांडर एक पखवाड़े में ऑपरेशन पूरा करने के लिए दोनों राज्यों के अग्रिम इलाकों में तैनात हैं। यह सब 15 जुलाई तक अपने बेस पर लौट जाएंगे।