सार
बीएसएफ ने सीमा सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए एआई और जीआईएस से लैस डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) लॉन्च किया। यह प्रणाली नक्शे, लाइव डेटा और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर घुसपैठ के संभावित रूट और असामान्य गतिविधियों की भविष्यवाणी कर तेज, सटीक और प्रभावी निर्णय लेने में मदद करेगी।
पाकिस्तान और बांग्लादेश से सटी सीमाओं की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए सोमवार को बीएसएफ ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) से लैस एक नई नियंत्रण प्रणाली डीएसएस की शुरुआत की। डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) नाम की इस प्रणाली की मदद से बीएसएफ कमांडर सीमा सुरक्षा से जुड़े बहुत सारे डेटा और जानकारी को एक साथ जोड़कर तेज़, बेहतर और सूझबूझ भरे फैसले ले पाएंगे। डीएसएस का उद्देश्य सीमा सुरक्षा से जुड़े निर्णयों को अधिक प्रभावी, सटीक और त्वरित बनाना है।