बीएसएफ और इसके बांग्लादेशी समकक्ष बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के बीच कमांडर स्तरीय ध्वज बैठक के बाद शनिवार को वह एक गैर-घातक हथियार लौटा दिया गया जो सिपाहीजला जिले में एक भारतीय जवान ने छीन लिया था।
बीएसएफ ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात इसके दो जवानों ने तस्करों के एक समूह को उस समय चुनौती दी थी जब वे शुक्रवार को मवेशियों के साथ भारत-बांग्ला अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने का प्रयास कर रहा था।
बीएसएफ के डीआईजी मृत्युंजय ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि जब तस्करों ने बीएसएफ जवानों की बात पर ध्यान नहीं दिया तब जवानों में से एक ने अपनी पंप एक्शन गन (पीएजी) से एक राउंड गोली चलाई और बदमाशों को रोकने के लिए उनकी ओर एक अचेत करने वाला एक ग्रेनेड फेंका।
उन्होंने बताया, ‘‘इस बीच, बीएसएफ के कांस्टेबल नटवर को भारतीय और बांग्लादेशी तस्करों ने घेर लिया और उन्हें घायल कर उनकी भरी हुयी पीएजी छीन ली। इसके बाद वे बांग्लादेश भाग गये।’’
उन्होंने कहा कि बीएसएफ ने तत्काल बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के अधिकारियों से संपर्क किया और शनिवार को कंपनी एवं बटालियन कमांडर स्तर की बैठक हुयी जिसके बाद छीनी हुयी राइफल वापस मिल गई।
इनपुट: भाषा