सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) नकली नोटों की पहचान के लिए अपने जवानों को प्रशिक्षण दिलाने के वास्ते भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से बातचीत कर रहा है। इससे भारत-बांग्लादेश सीमा से तस्करी के जरिए लाए जाने वाले नकली नोटों को पहचानने में मदद मिलेगी।
दो हजार रुपये मूल्य के नकली नोटों की पिछले एक महीने से सीमा पर पकड़ी जा रही खेपों से अर्धसैनिक बलों और खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ी हुई है। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पकड़ी गई नकली नोटों की राशि चिंता का विषय है। नकली नोटों में 2,000 रुपये के नए नोटों की आधी सुरक्षा विशिष्टताएं हैं।
उन्होंने बताया कि बीएसएफ 2000 रुपये मूल्य के नकली नोटों की पहचान के वास्ते अपने जवानों और अधिकारियों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक से बात कर रहा है। बीएसएफ के एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि हमारे जवानों और अधिकारियों के पास एक उचित विचार हो कि नकली और असली नोटों की पहचान कैसे की जाए।
2000 रुपये के नोट में 17 सुरक्षा विशिष्टताएं हैं, हम अपने जवानों को नकली नोटों को पहचानने में अच्छी तरह प्रशिक्षित कराना चाहते हैं।’ 2000 रुपये के नकली नोटों का बरामद होना इसलिए खतरनाक है, क्योंकि इनमें लगभग 50-60 प्रतिशत सुरक्षा विशिष्टताओं की हूबहू नकल कर ली गई है।