फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Anti-Maoist Drive: ओडिशा में माओवाद पर बीएसएफ के आईजी सख्त, कहा- मार्च 2026 तक पूरे नेटवर्क को करेंगे खत्म

Sat, 29 Nov 2025 08:01 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर

सार

BSF IG Statement: बीएसएफ ने मार्च 2026 तक ओडिशा को माओवाद से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। आईजी शिव आधार श्रीवास्तव ने बताया कि तकनीक आधारित और संयुक्त अभियान लगातार चल रहे हैं। 2010 से अब तक 86 माओवादी मारे गए हैं।
विज्ञापन
BSF - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ओडिशा में माओवाद के खिलाफ लड़ाई को निर्णायक मोड़ देने के लिए सीमा सुरक्षा बल ने मार्च 2026 तक राज्य को माओवादी प्रभावित क्षेत्रों से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। भुवनेश्वर में बीएसएफ के आईजी शिव अधर श्रीवास्तव ने बताया कि यह लक्ष्य बल का शीर्ष ऑपरेशनल टारगेट है और इसके लिए लगातार तेज, सटीक और टेक्नोलॉजी आधारित अभियानों को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अब तक की प्रगति बेहद महत्वपूर्ण है और माओवादियों की पकड़ स्पष्ट रूप से कमजोर हुई है।

विज्ञापन


श्रीवास्तव ने कहा कि बीएसएफ ओडिशा पुलिस और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर तकनीक-संचालित और ह्यूमन-हिंट आधारित अभियानों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि इन ऑपरेशनों का मकसद न सिर्फ माओवादी नेटवर्क को तोड़ना है, बल्कि उन रास्तों को भी बंद करना है जिनसे नक्सली छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश से ओडिशा में प्रवेश करते हैं। आईजी ने कहा कि माओवादी गतिविधियों को रोकने के लिए जमीनी सूचना, लंबी अवधि के ऑपरेशन और दुर्गम इलाकों में लगातार दबाव बनाने की रणनीति अपनाई गई है।

माओवादियों की कमजोर होती पकड़
बीएसएफ के मुताबिक 2010 से ओडिशा में चल रहे अभियानों में अब तक 86 माओवादी मारे गए हैं, 710 को गिरफ्तार किया गया है और 2,508 ने सरेंडर किया है। इसके अलावा 566 आईईडी और लाइव बमों को निष्क्रिय किया गया। आईजी ने बताया कि कभी माओवाद का गढ़ माना जाने वाला ‘कट-ऑफ क्षेत्र’ अब ‘स्वाभिमान अंचल’ बन चुका है, जो अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि है। कंधमाल जिले में नई तैनाती और नए यूनिटों की स्थापना ने स्थिति को और मजबूत किया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- 12 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया तेज, 79% फॉर्म हुए डिजिटल; ये राज्य सबसे आगे

सात जिलों में बीएसएफ की मजबूत मौजूदगी
बीएसएफ की छह बटालियन वर्तमान में कोरापुट, मलकानगिरी, बौध, कालाहांडी, कंधमाल, रायगढ़ा और नबरंगपुर जिलों में तैनात हैं। अधिकारी ने बताया कि दुर्गम इलाकों में लंबी अवधि के अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं, जहां माओवादियों की मौजूदगी और आईईडी का खतरा अभी भी चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पुनर्तैनाती और लगातार दबाव ने माओवादियों को कमजोर कर दिया है और बड़ी संख्या में वे आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
विज्ञापन


लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश
श्रीवास्तव ने कहा कि बीएसएफ केवल अभियान नहीं चला रही, बल्कि स्थानीय आबादी का भरोसा जीतने पर भी जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि नागरिक एक्शन कार्यक्रम और आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम चलाए गए हैं। राज्य सरकार की सरेंडर पॉलिसी और 10 फीसदी अतिरिक्त प्रोत्साहन भी माओवादियों को मुख्यधारा में लाने में मदद करेगा। हालांकि कालाहांडी, कंधमाल और बौध के घने जंगलों में अभी चुनौतियां बनी हुई हैं। माओवादी नेटवर्क से जुड़े नशा कारोबार और गांजा खेती भी एक बड़ी समस्या है।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें