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BSF पायलट ने लगाए गंभीर आरोप- VIPs की जान को है खतरा, ट्रेनी उड़ा रहे हैं प्लेन

Mon, 02 Oct 2017 10:57 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
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किरण रिजिजू का हेलिकॉप्टर - फोटो : File
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बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के एक पायलट ने उनके सिस्टम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसमें स्टाफ की कमी और सुरक्षा पर ध्यान ना दिए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। यह लेटर विंग कमांडर योगेश कुमार दक्ष द्वारा बीएसएफ के आईजी (एयर) को लिखा गया। 
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योगेश ने आरोप लगाया है कि जिन हेलिकॉप्टर्स में वीवीआईपी (गृहमंत्री भी शामिल) सफर कर रहे हैं वे काफी खतरनाक हैं। योगेश का दावा है कि इन वीवीआईपी हेलिकॉप्टर्स को 'ट्रेनी' पायलट उड़ा रहे हैं। योगेश ने सुरक्षा सुविधाओं की कमी की भी बात की है। योगेश ने दावा किया है कि 4 जुलाई को मंत्री किरण रिजिजू के जिस Mi-17 हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई थी उसको भी ट्रेनी पायलट उड़ा रहा था।

बीएसएफ के पास आठ Mi-17 V5 हेलिकॉप्टर और एक एम्ब्राएर है। इनका काम वीवीआईपी को लाना ले जाना और नक्सली हमलों में घायल जवानों को निकालना है।

 
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दो साल से नहीं हुई सेफ्टी मीटिंग

किरण रिजिजू - फोटो : ANI
पत्र में दावा किया गया है कि जून 2015 से अबतक फ्लाइट सेफ्टी पर कोई मीटिंग नहीं हुई है। योगेश के मुताबिक, फ्लाइट से पहले पायलट्स का मेडिकल चेकअप भी नहीं करवाया जा रहा है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, यह पत्र 15 अगस्त को भेजा गया था।

पत्र में लिखा गया है कि सभी चॉपर्स मिलिट्री रूल्स के अंतर्गत रजिस्टर हैं लेकिन उनको इंडियन एयरफोर्स द्वारा जारी SOP से चलाया जा रहा है। योगेश ने कुछ और खामियों के बारे में भी बात की है। 

लिखा है कि मिसाइल हमले को रोकने के लिए इंफ्रा रेड सिस्टम भी नहीं है। यह सिस्टम आ रही मिसाइल की दिशा बदलने का काम करता है। योगेश ने तर्क दिया है कि कश्मीर जैसे इलाके में ऐसे हमले होने के चांस हैं। 

बीएसएफ के सीनियर अफसर ने योगेश के पत्र पर सफाई दी है। रिजिजू वाले मामले के बारे में कहा गया है कि जिस पायलट को ट्रेनी बताया जा रहा है उसको पांच साल का एक्पीरियंस है। हालांकि, उन्होंने भी स्टाफ की कमी की बात मानी है। बीएसएफ की एयर विंग के सीनियर अफसर ने कहा कि सातवें वेतन आयोग में फ्लाइंग इंसेंटिव हटा दिया गया है इसलिए योगेश ने शिकायतें की हैं।
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