सीमा सुरक्षा बल 'बीएसएफ' का स्थापना दिवस इस बार पाकिस्तान से लगते रेगिस्तानी प्रांत राजस्थान के जोधपुर में मनाया जाएगा। हालाँकि बीएसएफ का स्थापना दिवस एक दिसंबर को मनाया जाता है, लेकिन कई दफ़ा परेड, दो-चार दिन बाद होती है। 8 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जोधपुर में भव्य परेड की सलामी लेंगे। बीएसएफ का 59वां स्थापना दिवस समारोह, झारखंड के हजारीबाग में आयोजित किया गया था। अमित शाह ने कहा था, 'जीवन पर्यंत कर्तव्य' का जो नारा, बीएसएफ को दिया गया था, वह चरितार्थ हो रहा है। 1900 से अधिक बीएसएफ जवानों ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। माइनस 40 डिग्री से लेकर 45 डिग्री तापमान में बीएसएफ के जवान देश की रक्षा करते हैं।
बता दें कि पहले सभी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के 'स्थापना दिवस' पर आयोजित होने वाली परेड, दिल्ली एनसीआर में ही आयोजित होती थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि भारत सरकार ने अब ऐसे कार्यक्रम देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन बलों की वार्षिक परेड, देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित होगी। इसके पीछे मकसद है कि देश और सीमाओं की सुरक्षा में लगे केंद्रीय बलों एवं राष्ट्र की जनता के बीच आत्मीयता का संबंध स्थापित हो। दिल्ली से बाहर सीमा सुरक्षा बल की स्थापना दिवस परेड, राजस्थान के जैसलमेर (पाकिस्तान से लगते बॉर्डर) में आयोजित हुई थी।
इसके बाद 2022 में अमृतसर में सीमा सुरक्षा बल का स्थापना दिवस मनाया गया। यह दूसरा अवसर था जब बीएसएफ की रेजिंड डे परेड दिल्ली से बाहर आयोजित की गई। अमृतसर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने परेड की सलामी ली थी। हालांकि स्थापना दिवस परेड में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को शामिल होना था, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते वे परेड में शामिल नहीं हो सके।
पहले आईटीबीपी सहित एक दो बलों का स्थापना दिवस पहले भी दिल्ली से बाहर आयोजित हुआ था। देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' का रेजिंग डे भी दिल्ली से बाहर जम्मू में आयोजित किया गया था। एसएसबी के स्थापना दिवस की परेड लखीमपुर खीरी में आयोजित की गई। इंडियन एयरफोर्स का 90वां वायुसेना दिवस चंड़ीगढ़ की सुप्रसिद्ध सुखना लेक पर आयोजित किया गया।