सीमा सुरक्षा बल 'बीएसएफ' के 400 जवानों (ट्रेड्समैन) को एकाएक घर बैठा दिया गया है। नौकरी से निकाले जाने के बाद इन जवानों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। इन्हें नौकरी से हटाए जाने के पीछे मुख्य वजह एक नकली 'सर्टिफिकेट' है। भर्ती के समय अनेक अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन कोचिंग संस्थानों के दावों पर भरोसा कर लिया। उन्हें 'सर्टिफिकेट' जारी कर दिया गया।
2023-24 के दौरान अभ्यर्थियों को इसी 'सर्टिफिकेट' पर नौकरी भी मिल गई। बाद में पता चला कि संबंधित संस्थान ने तो ऐसा कोई 'सर्टिफिकेट' जारी ही नहीं किया। इन जवानों को नौकरी पर रखा जाए, 'अलॉयंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन' ने सरकार से यह मांग की है। इसी के चलते एसोसिएशन ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 9 अक्तूबर को भूख हड़ताल करने की घोषणा की है।
महासचिव रणबीर सिंह ने क्या कहा?
'अलॉयंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने बताया, बीएसएफ में 2023-24 में रसोइया, जलवाहक (वाटर कैरियर) और वेटर के लिए रिक्तियां निकाली गई थी। जो विज्ञापन छपा, उसमें इन पदों के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तहत चलने वाले ट्रेनिंग सेंटर एनएसक्यूएफ से लेवल-1 सर्टिफिकेट होना अनिवार्य किया गया था। इस सर्टिफिकेट के बिना आवेदन नहीं किया जा सकता था। बाद में आरटीआई के जरिये पता चला कि एनएसडीसी ने 2015 से 2023 के बीच एनएसक्यूएफ लेवल-1 का कोई सर्टिफिकेट जारी ही नहीं किया।
बतौर रणबीर सिंह, ये जवान साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। कोचिंग सेंटरों ने इन्हें अभ्यर्थियों को भरोसा दिया कि उन्हें संबंधित संस्थान का ही सर्टिफिकेट मिलेगा। भर्ती के समय कई अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन कोचिंग संस्थानों की बातों पर यकीन कर प्रमाणपत्र ले लिए। एसोसिएशन का कहना है कि इन जवानों द्वारा जानबूझ कर गलती नहीं की गई, बल्कि ये साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं।
अब जवानों के सामने रोजी रोटी की गंभीर समस्या आ खड़ी हुई है। कई जवानों द्वारा 5-7 लाख रुपए का बैंक लोन भी लिया हुआ है। ऐसे में वे कैसे लोन का चुकता कर पाएंगे। इन अभ्यर्थियों को प्रधानमंत्री रोजगार मेले में नियुक्ति पत्र मिले थे। इनमें से कई जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी उत्कृष्ट सेवा का परिचय दिया था। बहुत सारे जवानों को बढ़िया व स्वादिष्ट खाना बनाने के लिए उच्च अधिकारियों द्वारा नकद पुरस्कार भी मिल चुके हैं। इन जवानों ने गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी को ईमेल भेजकर नौकरी बहाली की गुजारिश की है।