हाल ही में भारी नाटकीयता के बाद राज्य की सत्ता संभालने वाले कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने एक विवादित बयान देकर विपक्ष को उनपर हमला करने का मौका दे दिया है। कुमारस्वामी ने कहा कि वह राज्य की साढ़े छह करोड़ लोगों की वजह से नहीं बल्कि कांग्रेस की दया के कारण मुख्यमंत्री बने हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सियासत गरमा गई है।
कर्नाटक में तीन बार और पिछले दिनों महज 55 घंटे तक मुख्यमंत्री रहे बीएस येदियुरप्पा ने उन्हें उनके बयान पर माफी मांगने के लिए कहा है। उन्होंने बयान पर चुटकी लेते हुए कहा, 'कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ कर्नाटक के लोगों की सेवा करने के लिए ली है न की कांग्रेस पार्टी के लिए। कुमारस्वामी को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह कांग्रेस पार्टी के नहीं बल्कि राज्य के मुख्यमंत्री है और उनका यह बयान की वह कांग्रेस की दया पर राज्य के मंत्री है वह बहुत ही हास्यास्पद है।'
बता दें कि कुमारस्वामी का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के ठीक पहले आया है। जिसमें कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा है कि वह राज्य के 6.5 करोड़ लोगों की नहीं, कांग्रेस की दया पर निर्भर हैं। लोगों ने उन्हें बहुमत देकर विधानसभा नहीं पहुंचाया है। फिर भी अगर एक सप्ताह में किसानों का 53 हजार करोड़ का कर्ज माफ नहीं कर पाए तो इस्तीफा दे देंगे। कुमारस्वामी पीएम के अलावा कई केंद्रीय मंत्रियों से दिल्ली में मुलाकात करने वाले हैं।
कुमारस्वामी ने कहा, ‘कर्नाटक के लोगों ने चुनाव में मुझे और जदएस को खारिज कर दिया था। मैंने लोगों से पूर्ण बहुमत मांगा था। मैंने किसान नेताओं के बयान भी सुने थे। मैं यह भी जानता हूं कि उन्होंने मेरा कितना समर्थन किया था। अगर मुझे पूर्ण बहुमत मिलता तो मेरे ऊपर जनता के दबाव के अलावा किसी का जोर नहीं होता। आज मैं कांग्रेस की दया पर हूं।’