फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कर्नाटक: येदियुरप्पा सरकार ने जीता विश्वास प्रस्ताव, विपक्ष ने नहीं की मत विभाजन की मांग

Mon, 29 Jul 2019 12:07 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
विज्ञापन
कर्नाटक में भाजपा सरकार की जीत - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन
कर्नाटक का सियासी नाटक पर फिलहाल विराम लग गया है। येदियुरप्पा सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया है। इसके लिए आवाज के द्वारा वोटिंग हुई। इस दौरान सदन में भाजपा और कांग्रेस के सदस्यों के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई।
विज्ञापन




इस बीच सीएम येदियुरप्पा ने कहा कि प्रदेश में सूखा पड़ा है। मैं किसानों को संबोधित करना चाहता हूं। मैंने राज्य की ओर से पीएम किसान योजना के तहत लाभार्थियों को 2000 रुपये की 2 किस्तें देने का फैसला किया है। मैं विपक्ष से अपील करता हूं कि हमें मिलकर काम करना चाहिए। मैं सदन से अपील करता हूं कि वे मुझ पर एकमत से विश्वास व्यक्त करें।

वहीं सिद्धारमैया ने सरकार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मैं उन परिस्थितियों के बारे में बोल सकता था जिसके तहत येदियुरप्पा सीएम बने। मैं उनके अच्छे भविष्य की कामना करता हूं और उनके इस आश्वासन का स्वागत करता हूं कि वह लोगों के लिए काम करेंगे।
विज्ञापन


रविवार को राज्य विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश ने दल बदल कानून के तहत कांगेस-जेडीएस के 14 और बागी विधायकों को अयोग्य करार दे दिया था। बावजूद इसके कर्नाटक में चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले बीएस येदियुरप्पा को सोमवार को सदन में बहुमत साबित कर दिया है। इससे पहले बीते बृहस्पतिवार को 3 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया गया था। 
विज्ञापन

अब उपचुनाव में अग्निपरीक्षा

इस फैसले से 2023 में विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने तक ये 17 अयोग्य विधायक विधानसभा का उपचुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे। हालांकि, अगर समय से पहले विधानसभा भंग हुई तभी 2023 से पहले ये फिर से विधायक बन सकते हैं। वहीं, फिलहाल भाजपा को वैसे तो कोई खतरा नहीं है, मगर उपचुनाव होने की स्थिति में उसे बहुमत बनाए रखने के लिए 17 सीटों में से कम से आधी तो जीतनी होगी।

विधानसभा अध्यक्ष को भी छोड़ना होगा पद

इससे पहले भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार को पद छोड़ने के लिए कह दिया है जो पारंपरिक तौर पर सतारूढ़ पार्टी के किसी सदस्य के पास होता है। अगर वह सोमवार को इस्तीफा नहीं देते हैं तो भाजपा उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें