फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Phone Tapping Case: तेलंगाना भवन की ओर रवाना हुए केटी रामाराव, एसआईटी करेगी पूछताछ

Fri, 23 Jan 2026 10:10 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद।

सार

Phone Tapping Case: फोन टैपिंग मामले में बीआरएस अध्यक्ष केटी रामाराव को एसआईटी के सामने पेश होना है। इसके लिए रामाराव तेलंगाना भवन की ओर रवाना हो गए हैं। रवाना होने से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी पर निशाना साधा। पढ़िए रिपोर्ट-
विज्ञापन
केटी रामाराव - फोटो : एक्स/एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तेलंगाना भवन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, क्योंकि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) को फोन टैपिंग के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) के सामने पेश होने के लिए तलब किया गया है। रामाराव शुक्रवार को तेलंगाना भवन की ओर रवाना हुए। इस दौरान उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश राव, आर एन प्रवीण कुमार और अन्य भी नजर आए। 
विज्ञापन


एसआईटी के सामने पेश होने से पहले रामाराव ने क्या कहा?
रामाराव ने कहा, 2015 में जब बीआरएस सत्ता में थी, तब हमने एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ा था, जिसके पास पचास लाख रुपये थे और वह हमारे विधायकों को खरीदने आया था। दुर्भाग्य से यह चोर तेलंगाना का वर्तमान मुख्यमंत्री है। यह चोर सोचता है कि हर कोई उसी की तरह काम करता है, जैसे वह करता है। उसे लगता है कि हम पुलिस के समन से डर जाएंगे। 

ये भी पढ़ें: चुनाव आयोग ने लॉन्च किया नया एप ईसीआईनेट, भ्रामक सूचनाओं को रोकेगा
विज्ञापन


उन्होंने कहा, हमें पुलिस के सामने पेश होने में कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि हमने कुछ भी गलत नहीं किया है और इससे हमें मुफ्त प्रचार भी मिलता है। सच तो यह है कि हमारी पार्टी ने उनके भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया है। आप पिछले दो वर्षों से मुझे बदनाम करने के लिए मेरे खिलाफ अभियान चला रहे हैं। अगर मैंने कुछ किया है तो मुझे सबूत दीजिए। अगर इसके लिए कोई जिम्मेदार है तो वह मुख्यमंत्री है। सरकार में मंत्री हमसे फोन करने से डरते हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि उनके फोन टैप किए जा रहे हैं। 
विज्ञापन


फोन टैपिंग का पूरा मामला क्या है?
  • आरोप है कि पिछली बीआरएस सरकार के दौरान कई लोगों के गैरकानूनी तरीके से फोन टैप किए गए। 
  • इस मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है, जिसने केटीआर को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया है। 
  • केटीआर का कहना है कि यह मामला राजनीतिक मकसद से बनाया गया है।
  • उनका कहना है कि गोपनीय तरीके से निगरानी सभी सरकारों में होती रही है, सिर्फ बीआरएस के शासनकाल में ही नहीं। 
  • पहले भी बीआरएस नेता हरीश राव को घंटों पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पुलिस ने दावा किया था कि कई लोगों के फोन टैप किए गए। 
  • यह मामला दोनों राजनीतिक दलों की ओर से इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे विवाद और बढ़ गया है। 


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें