तेलंगाना भवन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, क्योंकि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) को फोन टैपिंग के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) के सामने पेश होने के लिए तलब किया गया है। रामाराव शुक्रवार को तेलंगाना भवन की ओर रवाना हुए। इस दौरान उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश राव, आर एन प्रवीण कुमार और अन्य भी नजर आए।
एसआईटी के सामने पेश होने से पहले रामाराव ने क्या कहा?
रामाराव ने कहा, 2015 में जब बीआरएस सत्ता में थी, तब हमने एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ा था, जिसके पास पचास लाख रुपये थे और वह हमारे विधायकों को खरीदने आया था। दुर्भाग्य से यह चोर तेलंगाना का वर्तमान मुख्यमंत्री है। यह चोर सोचता है कि हर कोई उसी की तरह काम करता है, जैसे वह करता है। उसे लगता है कि हम पुलिस के समन से डर जाएंगे।
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उन्होंने कहा, हमें पुलिस के सामने पेश होने में कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि हमने कुछ भी गलत नहीं किया है और इससे हमें मुफ्त प्रचार भी मिलता है। सच तो यह है कि हमारी पार्टी ने उनके भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया है। आप पिछले दो वर्षों से मुझे बदनाम करने के लिए मेरे खिलाफ अभियान चला रहे हैं। अगर मैंने कुछ किया है तो मुझे सबूत दीजिए। अगर इसके लिए कोई जिम्मेदार है तो वह मुख्यमंत्री है। सरकार में मंत्री हमसे फोन करने से डरते हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि उनके फोन टैप किए जा रहे हैं।
फोन टैपिंग का पूरा मामला क्या है?
- आरोप है कि पिछली बीआरएस सरकार के दौरान कई लोगों के गैरकानूनी तरीके से फोन टैप किए गए।
- इस मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है, जिसने केटीआर को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया है।
- केटीआर का कहना है कि यह मामला राजनीतिक मकसद से बनाया गया है।
- उनका कहना है कि गोपनीय तरीके से निगरानी सभी सरकारों में होती रही है, सिर्फ बीआरएस के शासनकाल में ही नहीं।
- पहले भी बीआरएस नेता हरीश राव को घंटों पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पुलिस ने दावा किया था कि कई लोगों के फोन टैप किए गए।
- यह मामला दोनों राजनीतिक दलों की ओर से इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे विवाद और बढ़ गया है।