केटीआर ने कहा कि हरीश राव तेलंगाना आंदोलन के दिनों से लेकर आज तक जनता के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं। केटीआर के अनुसार, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी राजनीतिक रूप से उनका सामना करने में असमर्थ हैं और इसी वजह से हरीश राव को परेशान करने की कोशिश की जा रही है।
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर जनता का ध्यान भटकाने वाली राजनीति करने का आरोप लगाया। बीआरएस की नेता सत्यवती राठौड़ ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बीआरएस नेता और पूर्व मंत्री हरीश राव निर्दोष हैं और उनके खिलाफ फोन टैपिंग मामले में की जा रही कार्रवाई केवल जनता का ध्यान भटकाने के लिए है।
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यह बयान ऐसे समय आया है जब फोन टैपिंग मामले में नोटिस मिलने के बाद हरीश राव पूछताछ के लिए जुबली हिल्स पुलिस स्टेशन पहुंचे। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को लेकर सत्यवती राठौड़ ने कहा कि एसआईटी के गठन को लगभग दो साल हो चुके हैं, लेकिन अब नए-नए नाम सामने लाए जा रहे हैं।
'अभी भी जोड़े जा रहे नए नाम', बोली बीआरएस
उन्होंने कहा, 'आज एसआईटी अधिकारियों ने हमारे पूर्व मंत्री हरीश राव को पूछताछ के लिए बुलाया है। हरीश राव ने कोई गलत काम नहीं किया है। एसआईटी बने हुए लगभग दो साल हो गए हैं, फिर भी अब इस मामले में नए नाम जोड़े जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी कमजोर पड़ रही है और लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रही है। रेवंत रेड्डी जनता का ध्यान भटकाने में विशेषज्ञ हैं।'
इससे पहले हरीश राव ने फोन टैपिंग मामले में मिले नोटिस को राजनीतिक हथकंडा करार देते हुए खारिज किया। जुबली हिल्स पुलिस स्टेशन पहुंचते समय उन्होंने मीडिया से कहा, 'यह सब राजनीतिक हथकंडे हैं।' वहीं, बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) ने भी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने बहनोई सृजन रेड्डी से जुड़े कथित कोयला घोटाले में नाम सामने आने के बाद जनता का ध्यान भटकाने के लिए हरीश राव को फोन टैपिंग मामले में नोटिस भिजवाए हैं।
'फोन टैपिंग मामले में कोई दम नहीं', बोले केटीआर
केटीआर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि फोन टैपिंग मामले में कोई दम नहीं है और यह महज राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि शीर्ष अदालत की ओर से मामला खत्म किए जाने के बावजूद रेवंत रेड्डी सरकार ने हरीश राव को नए सिरे से नोटिस जारी कर दिए, जिससे सरकार की मंशा साफ हो गई है।