मृत पिता की संपत्ति में एक बेटी ने एक बार फिर हिस्सा मांगा है। इस बार अड़चन धर्म की दीवार है। भाइयों ने इस आधार पर हिस्सा देने से इंकार किया है कि बहन ने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूल कर लिया है। बहन का दावा है कि धर्म परिवर्तन करने से पिता की संपत्ति पर उसका अधिकार खत्म नहीं हो जाता। यह मामला जिला अदालत में विचाराधीन है।
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश रविंदर सिंह के समक्ष उत्तम नगर निवासी सोनिया रानी ने अपना बयान दर्ज करवाते हुये कहा कि पहले पति की मौत के बाद उसने इस्लाम कबूल किया और मनाजिर हसन से 2013 में शादी कर ली थी।
पेश मामला शाहदरा के अशोक नगर स्थित 300 वर्ग फुट की प्रोपर्टी से जुड़ा है। यह संपत्ति कश्मीरा सिंह की थी जिनकी अप्रैल 2008 में मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद से यह प्रोपर्टी उनके बेटों गुरदीप सिंह व अमरीक सिंह के कब्जे में है। सोनिया रानी का आरोप है कि उसके भाइयो ने धोखे से दस्तखत करवाकर उसका हिस्सा हड़प लिया और प्रोपर्टी को बेचने की कोशिश की।
कोर्ट में सोनिया रानी ने अधिवक्ता अमित कुमार के जरिये याचिका दायर की है। इस याचिका में कहा गया है कि उसके पिता की मौत के बाद प्रोपर्टी के तीन बराबर हिस्सा करने का झांसा देकर 2012 में उसके भाई उसे सब रजिस्ट्रार कार्यालय में ले गये वहां धोखे से उसके दस्तखत करवा लिये।
याचिका में कहा गया है कि इस धोखाधड़ी की जानकारी उसे नहीं थी। वह अपने पति के साथ उत्तम नगर में रहती थी। उसके भाई उसके हिस्से से आने वाले किराये के पैसे उसे देते थे या बैंक खाते में डाल देते थे।
इसके बाद उन्होंने किराया देना बंद कर दिया। उनकी साजिश का पता सोनिया को जुलाई 2016 में चला जब वह पैतृक संपत्ति पर गई। उसके भाई इस संपत्ति को बेचने की तैयारी कर रहे थे।
याची सोनिया ने याचिका दायर कर प्रोपर्टी की बिक्री पर रोक लगाने व उसका हिस्सा दिलवाने की मांग की। भाइयों की धोखाधड़ी के खिलाफ उसने अपराधिक मामला भी दर्ज करवा रखा है।
याचिका का जवाब देते हुये सोनिया के भाई गुरदीप व अमरीक ने उसे खारिज करने की मांग की है। उनका कहना है कि पहले पति की मौत के बाद उनकी बहन ने मुनाजिर से दूसरी शादी कर इस्लाम कबूल कर लिया।
इस शादी से उसका बच्चा भी है। वह अब हिंदू नहीं है और हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत हिंदू परिवार की संपत्ति का उत्तराधिकारी होने के लिये हिंदू होना जरूरी है।