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ब्रिटिश पीएम का भारत दौरा: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की यात्रा के मायने, किन-किन मोर्चों पर बनी बात?

शशिधर पाठक
Updated Sat, 23 Apr 2022 09:59 PM IST

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में ब्रिटेन के समकक्ष की पहली भारत यात्रा पर उनका जोरदार स्वागत करते हुए रक्षा क्षेत्र से लेकर ऊर्जा के क्षेत्र में साझेदारी की संभावना जताई। प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय, द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, चुनौतियों को देखते हुए अपनी बात रखी और उम्मीद जताई की दोनों देशों की टीम इस साल के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे देगी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष बोरिस जॉनसन। - फोटो : एएनआई


ब्रिटेन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यूरोपीय यूनियन से बाहर आने के बाद खड़ी हो गई है। वहां की अर्थव्यवस्था को झटका लग रहा है और ब्रिटेन को अपने माल के लिए बाजार नहीं मिल रहा है। रक्षा और विदेश मामलों के वरिष्ठ पत्रकार रंजीत कुमार कहते हैं कि इसी की उम्मीद लेकर तो वह भारत आए थे। मुक्त व्यापार समझौते की चर्चा चल रही है। ब्रिटेन को भारत का बड़ा बाजार दिखाई दे रहा है। भारत को भी उम्मीद है कि वह ब्रिटेन के जरिए दुनिया में अपने उत्पादों को बेच सकेगा, लेकिन अभी बहुत कुछ ठोस समझौता नहीं हुआ है। लेकिन आने वाले दिनों में उम्मीद जरूर है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में ब्रिटेन के समकक्ष की पहली भारत यात्रा पर उनका जोरदार स्वागत करते हुए रक्षा क्षेत्र से लेकर ऊर्जा के क्षेत्र में साझेदारी की संभावना जताई। प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय, द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, चुनौतियों को देखते हुए अपनी बात रखी और उम्मीद जताई की दोनों देशों की टीम इस साल के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे देगी। प्रधानमंत्री ने रोडमैप-2030 पर समीक्षा, चर्चा और आगे भागेदारी बढ़ाने का जिक्र किया। रक्षा क्षेत्र में तकनीक, डिजाइन और सहयोग, आधारभूत संरचना के क्षेत्र में चर्चा तथा निवेश का जिक्र किया। 


इसी तरह से प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी गर्मजोशी से सहयोग, साझेदारी, संबंधों को मजबूत बनाने के प्रति प्रतिबद्धता का संकेत दिया। इस बारे में विदेश सेवा के अवकाश प्राप्त अधिकारी एसपी शर्मा कहते हैं कि बहुत ज्यादा उम्मीद भी नहीं की जानी चाहिए। शर्मा के मुताबिक अमेरिका, भारत, आस्ट्रेलिया और जापान के बीच में मजबूत गठजोड़ (क्वॉड) बना है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के भारत दौरे से इसे भी बल मिलेगा। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच इससे संबंधों में गहराई बढ़ेगी।


तो क्या भगोड़े और भारत विरोधी नहीं लेंगे ब्रिटेन में पनाह?

भगोड़ा नीरव मोदी ब्रिटेन में है। विजय माल्या ने भी वहीं शरण ले रखी है। इसके अलावा ब्रिटेन में भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त तमाम खालिस्तानी नेता हैं। क्या ब्रिटेन इन्हें भारत भेजने की दिशा में ईमानदारी दिखाएगा? जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं  के परिवारों से लेकर पाकिस्तान के भारत विरोधी तत्वों के लिए भी ब्रिटेन पसंदीदा ठिकाना है। वरिष्ठ पत्रकार रंजीत कुमार मानते हैं कि ब्रिटेन में पाकिस्तान मूल के लोगों की अच्छी खासी तादाद है और वहां की संसद में भी प्रभावी भूमिका में हैं। पाकिस्तान को लेकर सकारात्मक नजरिए की बात करें तो ब्रिटेन के अधिकारियों में ये भावना प्रभावी है। राजनीति और कूटनीति के जानकारों का मानना है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के साथ आए प्रतिनिधिमंडल के साथ इन विषयों पर सार्थक चर्चा हुई है। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम आ सकते हैं।


वरिष्ठ पत्रकार रंजीत कुमार के मुताबिक, चीन और ब्रिटेन के बीच में दूरी बढ़ रही है। इस तरह से ब्रिटेन और भारत के नजदीक आने से चीन विरोधी माहौल को मजबूती मिलेगी। चीन कुछ काबू में रहेगा और भारत को मुक्त व्यापार समझौता होने के बाद व्यापारिक, कारोबारी और आर्थिक लाभ होंगे। दोनों देशों के संबंध मजबूत होंगे और इसका असर क्वॉड की मजबूती पर पड़ेगा। लॉजिस्टिक चैन में भी सहूलियत मिल सकती है। इसके अलावा राल्स रॉयस के इंजन और सहयोग से भविष्य में लड़ाकू विमान आदि के निर्माण में मदद मिल सकती है।


...तो क्या लेकर और देकर गए प्रधानमंत्री जॉनसन?

प्रधानमंत्री जॉनसन को दो साल पहले ही भारत आना था, लेकिन कोविड-19 संक्रमण के कारण नहीं आ सके थे। यह उनकी पहली भारत यात्रा रही। विदेश मामले के जानकारों के अनुसार यह एक सकारात्मक यात्रा थी। जॉनसन उस समय भारत आए, जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है। इसलिए किसी बड़े समझौते की उम्मीद कम थी। यात्रा का अच्छा पक्ष यह है कि उनके साथ भारत आए प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान तमाम मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई है। भावी रोडमैप पर बात हुई है और इससे आने वाले समय में काफी संभावना पैदा हो सकती हैं।
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पार्टीगेट के लिए ज्यादा जुर्माने की संभावना के बीच लौटे जॉनसन

लॉकडाउन तोड़कर 10, डाउनिंग स्ट्रीट में पार्टियां करने के लिए स्कॉटलैंड यार्ड की ओर से ज्यादा जुर्माने की संभावना के बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन भारत की दो दिन की यात्रा से लौट आए हैं। ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने ट्वीट कर कहा कि यूके और भारत के बीच गहरे संबंध हैं और हम हमेशा की तरह निकटता से काम कर रहे हैं। मैं आने वाले वर्षों के बारे में आशावाद से भरा हूं। दोनों देशों के बीच सुरक्षा और समृद्धि में बढ़ोतरी होती रहनी चाहिए।


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The UK and India share a deep relationship and we are working as closely as ever. I am filled with optimism about the years ahead, and the security and prosperity that our partnership can deliver for generations to come: UK PM Boris Johnson (Video Credit: Boris Johnson)

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- Prasar Bharati News Services (@pbns_india) 23 Apr 2022

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