युवा कार्यकर्ता देव शर्मा कहा कि कोई भी देश और कोई भी अर्थव्यवस्था जलवायु संकट से सुरक्षित नहीं है। आपने सुना है कि जलवायु संकट के लिए हम या मानवता दोषी हैं।
लंदन के हाउस ऑफ कॉमन्स में किशोरों के समूह को स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर बहस करने के लिए आमंत्रित किया गया था। जिसमें 17 वर्षीय ब्रिटिश भारतीय युवा कार्यकर्ता देव शर्मा भी शामिल थे, उन्होंने यहां जलवायु परिवर्तन का मुद्दा उठाया। देव शर्मा यूके यूथ पार्लियामेंट संगठन में 11 से 18 वर्ष की आयु के लोकतांत्रिक रूप से चुने गए सदस्यों में शामिल हुए। पूरे ब्रिटेन से लगभग 250 युवा सांसदों चुने गए थे।
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इस बहस की अध्यक्षता कॉमन्स स्पीकर सर लिंडसे हॉयल ने की। युवा कार्यकर्ताओं ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अधिक कार्रवाई करने का आह्वान किया। यूके युवा सांसद देव शर्मा ने युवा संसद में 'पर्यावरण और स्वास्थ्य' प्रस्ताव पेश पेश किया। प्रस्ताव पेश करने के दौरान उन्होंने कहा कि कोई भी देश और कोई भी अर्थव्यवस्था जलवायु संकट से सुरक्षित नहीं है। आपने सुना है कि जलवायु संकट के लिए हम या मानवता दोषी हैं।