इक्कीसवीं सदी के आधुनिक समाज के लिए यह बेहद शर्मनाक बात है कि आज भी हर जगह महिलाओं के खिलाफ हिंसा होती है। सभ्य समाज लगातार इसके खिलाफ आवाज उठा रहा है। ब्रिटिश हाई कमीशन प्रति वर्ष महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा के लिए आवाज उठाता है और परिचर्चा के जरिये लोगों को इस सामाजिक बुराई के खिलाफ सचेत करता है।
इस वर्ष भी ब्रिटिश हाई कमीशन ने अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा विरोधी दिवस यानी 25 नवंबर से एक कार्यक्रम शुरू किया जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस यानी 10 दिसंबर तक चलेगा।
इस मुहिम के तहत आयोजित एक परिचर्चा में भाग लेते हुए शुक्रवार को ब्रिटिश हाई कमीशन में राजनीतिक और द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख रिचर्ड बार्लो ने कहा कि ब्रिटेन महिलाओं के सम्मान करने के लिए हमेशा एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानदण्ड स्थापित करता आया है।
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन महिला अधिकारों के लिए और लैंगिक समानता के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। मीटू जैसे अभियान किसी सीमा या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहे बल्कि इसकी आवाज हर जगह सुनी गई। इन अभियानों से लोगों को महिलाओं के प्रति व्यवहार करते समय जागरूक करने में मदद मिलती है।