ब्रिटेन ने मंगलवार को भारतीय नौसेना के इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर (आईएफसी) में अपने लायजन अफसर की तैनाती की। ब्रिटिश उच्चायोग ने इसकी जानकारी दी।
उच्चायोग ने कहा, ब्रिटेन के इंटरनेशनल लायजन अफसर (आईएलओ) ने भारतीय नौसेना के इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-हिंद महासागर क्षेत्र में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इस तैनाती को भारत और ब्रिटेन के बीच बढ़ रहे द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के नजरिये से भी देखा जा रहा है।
दोनों देशों के बीच बढ़ रहा रक्षा सहयोग, हिंद महासागर में रखेंगे चीन पर मिलकर नजर
आईएफसी-आईओआर में ब्रिटिश लायजन अफसर की तैनाती विमानवाहक पोत एचएमएच क्वीन एलिजाबेथ के नेतृत्व में ब्रिटेन की नौसेना के करियर स्ट्राइक ग्रुप के भारत के तय दौरे से पहले की गई है।
वह सीधे भारतीय सैन्य बलों और सेंटर में तैनात साथी देशों के लायजन अधिकारियों के साथ काम करेंगे ताकि क्षेत्र में समुद्री जागरूकता बढ़ाई जा सके। उच्चायोग ने कहा, स्मिथ सेंटर के साथ ब्रिटेन के पहले आईएलओ के तौर पर एक अधिकृत समारोह में जोड़े जाएंगे।
हिंद महासागर में चीनी मौजूदगी के कारण अहम केंद्र
हिंद महासागर में चीनी नौसेना की उपस्थिति के चलते वैश्विक दिग्गजों की नौसेनाएं समुद्री सुरक्षा जानकारियों के लिहाज से आईएफसी को बेहद अहम केंद्र दर्जा देने लगी हैं। इसी कारण गुरुग्राम में मौजूद इस केंद्र में भारत के सामरिक साझेदारों के छोटे से समूह में शामिल देशों ने अपने अधिकारी तैनात कर रखे हैं।
भारतीय नौसेना ने 2018 में आईएफसी-आईओरआर की स्थापना की थी। इसका मकसद जहाजी यातायात को प्रभावी तरीके से ट्रैक करने के साथ ही क्षेत्र में एक जैसी सोच वाले देशों के साझा फ्रेमवर्क के तहत होने वाले अन्य जटिल बदलावों की निगरानी करना भी है।