मुंबई में महाराष्ट्र के राज्यपाल सी विद्यासागर राव का आवास राजभवन अचानक सुर्खियों में आ गया है। राजभवन के नीचे अंग्रेजों के जमाने का बंकर मिला है जिसमें 150 फुट लंबा गलियारा और 20 फुट ऊंचा गेट है। इस बंकर में कुल 13 कमरे हैं। अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसे ब्रिटिश शासन में वॉर रूम के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
इस राजभवन में बीते 70 साल से कई राज्यपाल आए और इसमें रहकर चले गए। लेकिन, अब पता चला है कि इसमें एक बंकर भी है जो ब्रिटिश शासन में बनाया गया था। राजभवन के अधिकारी बताते हैं कि करीब तीन महीने पहले इस बंकर के बारे में पता चला था। उसके बाद पीडब्लूडी विभाग को राजभवन की एक पुरानी दीवार तोड़ने के लिए कहा गया। जब दीवार तोड़कर तहखाने का लोहे का दरवाजा खोला गया तो 5 हजार वर्ग फुट में फैले भूमिगत महल का पता चला। उसके बाद राज्यपाल सी. विद्यासागर राव और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बंकर देखने पहुंचे।
बंकर की बनावट देखकर पता चलता है कि बंकर गोला बारूद रखने के लिए बनाया गया था। वहीं, कमरों में लोगों के रहने की भी व्यवस्था थी। कई कमरों पर शेल स्टोर, गन शेल, कार्टेज स्टोर की ततियां भी लगी हुई हैं। बंकर में जगह जगह लोहे की ग्रिल लगी है और दीवार चट्टान जैसी मजबूत लगती है। मालाबार हिल्स के इस राजभवन को पहले गवर्नर हाउस कहा जाता था। सन1885 से पहले तक ब्रिटिश गवर्नर गर्मी की छुट्टियां बिताने यहां आते थे। लेकिन 1947 में आजादी मिलने के बाद गवर्नर हाउस के बंकर को बंद कर दिया गया था। राज्यपाल के जनसंपर्क अधिकारी उमेश काशीकर ने बताया कि बुधवार को दिनभर खुला रखने के बाद सुरक्षा के लिहाज से शाम को तहखाना बंद कर दिया गया।