मनीकंट्रोल वेबसाइट के अनुसार जेसन का कहना है, 'मैं चाहता हूं कि यहां काम कर रहे लोगों को वेतन मिले और इससे पहले यह अपनी और संपत्तियां खो दे, यहां काम शुरू होना बहुत जरूरी है।' हालांकि, जेसन की यह पेशकश जेट कर्मियों के लिए थोड़ी खुशी देने वाली हो सकती है, लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि एयरलाइन या इसके ऋणदाता जेसन की इस ख्वाहिश को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
जेसन इससे पहले कुछ एयरलाइंस में क्रू मेंबर और ग्राउंड स्टाफ में काम कर चुके हैं। लेकिन, एक एयरलाइन चलाने के मामले में वह अनुभवहीन हैं। हालांकि कंपनी के पास बैंकॉक, दुबई और भारत के लिए उड़ानें शुरू करने की योजना है। जेसन का कहना है कि, 'हमें पता है कि जेट एयरवेज को किस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा है, लेकिन हमारे पास इससे उबरने के लिए योजना है। हमारे पास कुछ निवेशकर्ता हैं जो एटमॉस्फेयर में निवेश के इच्छुक हैं और उन्होंने जेट एयरवेज में भी रुचि दिखाई है।
कन्जर्वेटिव पार्टी के सदस्य के तौर पर जेसन ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री से भी जेट में अपनी रुचि को लेकर समर्थन और सहायता की मांग की है। इसके अलावा इस मामले में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय को भी लिखा है।