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विदेशी धरती से आई जेट एयरवेज को नियंत्रण में लेने की पेशकश, ब्रिटिश उद्यमी ने दिखाई रुचि

Tue, 23 Apr 2019 09:08 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जेट एयरवेज - फोटो : पीटीआई
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आर्थिक संकट से जूझते-जूझते आखिरकार बंद हो गई विमानन सेवा जेट एयरवेज को पुनर्जीवन देने के लिए अब विदेशी धरती से पेशकश आई है। जेट एयरवेज का नियंत्रण लेने के लिए एक ब्रिटिश उद्यमी आगे आया है। यह इच्छा जताई है ब्रिटिश उद्यमी जेसन अंसवर्थ ने, उन्होंने इस बारे में जेट एयरवेज के सीईओ को लिखा है कि वह एयरलाइन के नियंत्रण शेयर खरीदने के फिर से इच्छुक हैं। जेसन इससे पहले भी जेट में निवेश करने की इच्छा जता चुके हैं, लेकिन बैंकों ने इस बारे में उन्हें कोई जवाब नहीं दिया। 

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जेसन ने साल 2015 में एटमॉस्फेयर इंटरकॉन्टिनेंटल एयरलाइंस नामक स्टार्टअप की स्थापना की थी। इसके तहत वह लंदन स्टैनस्टेड एयरपोर्ट से सेवाएं शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। जेसन ने कहा कि उन्हें इस बारे में जवाब मिला है और वह जेट एयरवेज के एक वरिष्ठ अधिकारी के संपर्क में हैं, जिससे आगे की जानकारी मिलती रहे। 

जेसन की यह पेशकश लंबे समय से दिक्कतों का सामना कर रहे जेट एयरवेज के कर्मचारियों और हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) के लिए अच्छी खबर है। जेट एयरवेज 17 अप्रैल को बंद हो गई थी। लोगों में इसके प्रति रुचि कम होने से इसकी नीलामी प्रक्रिया भी खतरे में आ गई है। कंपनी बंद होने से इसमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कार्यरत 20 हजार से ज्यादा लोगों के भविष्य पर संकट छा गया है। अब तक 410 पायलट कंपनी से इस्तीफा दे चुके हैं और कई अन्य इस्तीफा देने की तैयारी कर रहे हैं।

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एयरलाइन संचालन का कोई अनुभव नहीं रखते जेसन

जेसन अंसवर्थ - फोटो : ट्विटर
मनीकंट्रोल वेबसाइट के अनुसार जेसन का कहना है, 'मैं चाहता हूं कि यहां काम कर रहे लोगों को वेतन मिले और इससे पहले यह अपनी और संपत्तियां खो दे, यहां काम शुरू होना बहुत जरूरी है।' हालांकि, जेसन की यह पेशकश जेट कर्मियों के लिए थोड़ी खुशी देने वाली हो सकती है, लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि एयरलाइन या इसके ऋणदाता जेसन की इस ख्वाहिश को कितनी गंभीरता से लेते हैं।  

जेसन इससे पहले कुछ एयरलाइंस में क्रू मेंबर और ग्राउंड स्टाफ में काम कर चुके हैं। लेकिन, एक एयरलाइन चलाने के मामले में वह अनुभवहीन हैं। हालांकि कंपनी के पास बैंकॉक, दुबई और भारत के लिए उड़ानें शुरू करने की योजना है। जेसन का कहना है कि, 'हमें पता है कि जेट एयरवेज को किस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा है, लेकिन हमारे पास इससे उबरने के लिए योजना है। हमारे पास कुछ निवेशकर्ता हैं जो एटमॉस्फेयर में निवेश के इच्छुक हैं और उन्होंने जेट एयरवेज में भी रुचि दिखाई है। 

कन्जर्वेटिव पार्टी के सदस्य के तौर पर जेसन ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री से भी जेट में अपनी रुचि को लेकर समर्थन और सहायता की मांग की है। इसके अलावा इस मामले में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय को भी लिखा है। 
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