एक भारतीय परिवार ने आरोप लगाया है कि ब्रिटिश एयरवेज ने कथित तौर पर उन्हें फ्लाइट से इसलिए नीचे उतार दिया क्योंकि उनका तीन साल का बच्चा रो रहा था। फ्लाइट टेक ऑफ करते समय जहां बच्चे की मां उसे चुप करवाने की कोशिश कर रही थीं। वहीं केबिन क्रू के एक सदस्य के कथित डराने वाले व्यवहार ने बच्चे को और डरा दिया और वह बुरी तरह रोने लगा। इसके बाद विमान टर्मिनल पर वापस आया और भारतीय परिवार को उनके पीछे बैठे दूसरे भारतीय परिवार के साथ उन्हें नीचे उतार दिया।
कथित तौर पर नस्लीय भेदभाव वाली यह घटना
ब्रिटिश एयरवेज की लंदन से बर्लिन जा रही फ्लाइट (बीए 8495) में 23 जुलाई को घटी। यह घटना 1985 बैच के इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसिज के अधिकारी के परिवार के साथ घटी जो वर्तमान में सड़क मंत्रालय में तैनात हैं। संयुक्त सचिव पद के अधिकारी ने इसकी शिकायत विमानन मंत्री सुरेश प्रभु से की है। उन्होंने एयरलाइन द्वारा निरादर और नस्लीय भेदभाव का आरोप लगाया है। ब्रिटिश एयरवेज के प्रवक्ता ने कहा, 'हम इस तरह के दावों को बहुत ही गंभीरता से लेते हैं और इसे किसी भी तरह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने पूरी तरह से जांच शुरू कर दी है और ग्राहक के साथ सीधे संपर्क में हैं।'
अधिकारी द्वारा प्रभु को लिखे पत्र में कहा है, '
सीट बेल्ट लगाने के लिए हुई सुरक्षा घोषणा के बाद, मेरी पत्नी ने जल्दी से तीन साल के बच्चे को सीट बेल्ट बांधी जो अलग सीट पर बैठा था। मेरा बेटा असुविधाजनक हो गया और रोने लगा। मेरी पत्नी उसे बांहों में लेकर चुप करवाने की कोशिश कर रही थी। पुरुष क्रू सदस्य हमारे पास आया और चिल्लाने लगा। उसने बेटे को डांटते हुए अपनी सीट पर वापस जाने के लिए कहा। इससे मेरा बेटा डर गया और रोने लगा। हमारे पीछे बैठे दूसरे भारतीय परिवार ने बेटे को चुप करवाने के लिए बिस्कुट दिए। मेरी पत्नी ने दोबारा बेटे को उसकी सीट पर बैठाते हुए सीट बेल्ट बांधी जबकि वह लगातार रो रहा था।'
पत्र में आगे लिखा है, 'एयरक्राफ्ट फिर रनवे की तरफ गया। क्रू का वही सदस्य हमारे पास आया और चिल्लाते हुए मेरे बेटे से बोला कि तुम चुप हो जाओ वर्ना तुम्हें खिड़की से नीचे फेंक दूंगा और उतार दिया जाएगा। इससे हम हक्के-बक्के रह गए।' इसके बाद विमान टर्मिनल पर वापस आ गया। अधिकारी का कहना है कि क्रू सदस्य ने विमान के अंदर सुरक्षा अधिकारियों को बुलाया। जिन्होंने हमारे और हमारे पीछे बैठे परिवार के बोर्डिंग पास ले लिए। इसके बाद परिवार किसी तरह खुद इंतजाम करके लंदन सिटी एयरपोर्ट से लंदन पहुंचे।