ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुनवाई शुरू की, जिसकी व्यवस्था में कहा गया है कि यूरोपीय संघ छोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले सरकार के लिए संसद से मंजूरी लेना अनिवार्य है।
सरकार द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट के इस फैसले से संवैधानिक टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। उच्च आरोप इस मामले में प्रधानमंत्री टेरेसा मे की 28 राष्ट्रों के यूरोपीय संघ छोड़ने की योजना को धक्का भी लग सकता है।
इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट प्रेसिडेंट लॉर्ड न्यूबर्गर ने कहा कि इस मामले में 11 न्यायाधीश जनता के हितों से वाकिफ थे और मामले में यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के हटने पर कई व्यापक राजनीतिक सवाल के साथ मजबूत भावनाएं भी जुड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि यह याचिका कानूनी मुद्दों के साथ संबंध है और बतौर न्यायाधीश हमारा कर्तव्य बनता है कि इस मद्दे पर हम निष्पक्षता से विचार करें और कानून के अनुसार इस मामले का फैसला करें।