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ब्रिटेन के विशेषज्ञ करेंगे दिल्ली का प्रदूषण घटाने का प्रयास

Tue, 24 Jan 2017 03:48 AM IST
एजेंसी/लंदन
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दिल्ली प्रदूषण - फोटो : self
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दिल्ली को विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों में गिना जाता है। दिल्ली तथा इसके आस-पास के क्षेत्रों में करीब 4.6 करोड़ लोग वायु प्रदूषण से संबंधित बीमारियों से ग्रसित हैं। भारत के विशेषज्ञों ने दिल्ली वासियों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए ब्रिटेन के विशेषज्ञों से हाथ मिलाया है। बर्मिंघम यूनिवर्सिटी ने सोमवार को बताया कि उसके विशेषज्ञ भारतीय विशेषज्ञों के साथ मिलकर दिल्ली में प्रदूषण के कारणों की तहकीकात करेंगे। 
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इस दल में बर्मिंघम विश्वविद्यालय के अलावा आईआईटी दिल्ली, इंडियन नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी तथा यूनिवर्सिटी ऑफ सरे के विशेषज्ञ शामिल होंगे। आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर मुकेश खरे ने बताया कि इस अभियान के तहत दिल्ली की हवाओं में विभिन्न स्रोतों से होने वाले प्रदूषण का पता लगाया जाएगा। विशेषज्ञ प्रदूषण के स्रोत का पता लगाएंगे। इस अभियान के परिणाम को अन्य शोध से मिले आंकड़ों के साथ प्रदूषण का स्तर कम करने और लोगों का स्वास्थ्य सही करने में इस्तेमाल किया जाएगा।
 
यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम के स्कूल ऑफ ज्योग्रफी, अर्थ एंड इनवॉयर्नमेंटल साइंसेज के प्रमुख प्रोफेसर विलियम ब्लॉस ने कहा, दिल्ली और इसके आस पास करीब 4.6 करोड़ लोग रहते हैं और हवा में पार्टिकुलेट मैटर का स्तर काफी अधिक होने के कारण उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इससे कई लोग काम करने में अक्षम हो जाते हैं जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रतिकूल असर होता है। 
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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2014 में दिल्ली को विश्व का सबसे प्रदूषित शहर करार दिया था। यहां हवा में प्रदूषण का स्तर ब्रिटेन की तुलना में 30 गुणा अधिक पाया गया था।
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