भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्ते सामान्य करने की एक बार पहल होती नजर आ रही है। शुक्रवार को पुंछ-रावलकोट सीमा क्रॉसिंग पाइंट पर दोनों देशों के बीच ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग हुई। इस बैठक में दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों यानी डीजीएमओ के बीच पूर्व में बनी सहमति यानी डीजीएमओ अंडर स्टैंडिंग 2021 पर आगे बात हुई। भारतीय सेना ने यह जानकारी दी। बता दें, दोनों देशों ने हाल ही में सीमा पर संघर्ष विराम लागू करने का निर्णय लिया था। इसके बाद मार्च माह सीमा पर गोलीबारी एकदम थम गई है।
भारत और पाकिस्तान की सेनाओं ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर संघर्ष विराम का पालन करने के अपने समझौते के तहत शुक्रवार को पुंछ-रावलकोट चौकी पर ब्रिगेडियर स्तरीय बैठक की।
भारत और पाकिस्तान की सेनाओं ने पिछले महीने नियंत्रण रेखा पर 2003 के संघर्ष विराम समझौते को लेकर एक बार फिर प्रतिबद्धता जताई थी। दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों (डीजीएमओ) ने संघर्ष विराम की ओर लौटने पर सहमति जताई थी।
सेना ने ट्वीट कर कहा कि दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच 2021 की सहमति के बाद पुंछ-रावलकोट चौकी पर दोनों सेनाओं की ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग 26 मार्च, 2021 को हुई। थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने बृहस्पतिवार को कहा था कि नियंत्रण रेखा पर पांच से छह साल में पहली बार शांति रही और एक घटना को छोड़कर मार्च में एक भी गोली नहीं चली।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी धरती पर आतंकी लांच-पैड (ठिकाने) सहित आतंकी ढांचा कायम है। उन्होंने कहा था कि मुझे यह सूचित करते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि पूरे मार्च महीने में, एक अकेली घटना को छोड़ कर, नियंत्रण रेखा पर एक भी गोली नहीं चली। करीब पांच-छह साल में यह पहला मौका है, जब एलओसी पर शांति रही।