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ब्रिक्स देशों के सुरक्षा प्रमुखों की बैठक कल: ईरान-चीन समेत कई देश होंगे शामिल, जानें क्या है मुख्य एजेंडा

Sun, 21 Jun 2026 04:23 AM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक सोमवार से शुरू हो रही है। अजीत डोभाल इसकी अगुवाई करेंगे। बैठक में आतंकवाद और नई तकनीकों के खतरों पर चर्चा होगी। ईरान के एनएसए भी इसमें शामिल होंगे। चीन ने भी सुरक्षा सहयोग मजबूत करने की इच्छा जताई है।

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ब्रिक्स समिट (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत की अध्यक्षता में सोमवार से होने वाली ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और उच्च प्रतिनिधियों की बैठक का मुख्य विषय दुनिया के सामने गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां होगा। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल करेंगे। यह बैठक सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले सदस्य देशों के बीच राजनीतिक और रणनीतिक आम सहमति बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है। बैठक के मुख्य विषय के तहत सभी देशों के प्रतिनिधि तेजी से बदलते खतरों और इसमें नई तकनीकों के दुरुपयोग से उभरते संकट पर अपने विचार साझा करेंगे।आतंकरोधी-सूचना व संचार प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित उपयोग पर गठित ब्रिक्स संयुक्त कार्य समूहों के निष्कर्ष की समीक्षा भी की जाएगी। 
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ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी आएंगे
बैठक में ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोहम्मद बगेर जोलगाद्र भी आएंगे। हाल ही में हुए अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद ईरान की यह पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी होगी। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बाद यह बैठक ईरान और यूएई के बीच मतभेद दूर कर ब्रिक्स मंच पर साझा प्रस्ताव आगे बढ़ाने का काम करेगी। भारत के लिए भी ईरान के साथ अपने आर्थिक और व्यापारिक संबंधों पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों को समझने का एक बेहतरीन अवसर होगा।

ब्रिक्स सदस्यों संग सुरक्षा सहयोग मजबूत करने के लिए चीन तत्पर
भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने सोशल मीडिया पर चीनी पक्ष का रुख स्पष्ट कर लिखा कि 16वीं ब्रिक्स एनएसए बैठक के दौरान चीनी पक्ष मौजूदा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति, प्रमुख वैश्विक व क्षेत्रीय मुद्दों और पारंपरिक व गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों से मिलकर निपटने के लिए अन्य ब्रिक्स सदस्यों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि चीन सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राजनीतिक जमीन तैयार करने की उम्मीद रखता है और वैश्विक शांति व सुरक्षा में योगदान देने के लिए ब्रिक्स सदस्यों के साथ राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए तत्पर है।
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