भारत ने 2021 के अंत में ब्रिक्स देशों की मेजबानी में एक साझा विषय पर डिजिटल प्रदर्शनी आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल ने ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों के पांचवें सम्मेलन में शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए शामिल होते हुए यह सुझाव दिया। सम्मेलन की अध्यक्षता रूस ने की।
ब्रिक्स के सदस्य देशों--ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका-- के प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया। मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, भारत ने जो सुझाव दिए हैं उनमें '2021 के अंत में ब्रिक्स संग्रहालय गठबंधन के तहत एक साझा विषय पर डिजिटल ऑनलाइन प्रदर्शनी की मेजबानी की संभावना भी शामिल है। साथ ही, ब्रिक्स गठबंधन के तहत वेबसाइट के लिए पूर्ण सहयोग एवं सामग्री मुहैया कराया जाएगा।'
बैठक के दौरान ब्रिक्स देशों में सांस्कृतिक क्षेत्र पर महामारी के प्रभाव पर चर्चा की गई और ब्रिक्स के अंदर संयुक्त सांस्कृतिक ऑनलाइन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।' पटेल ने बैठक में शामिल प्रतिनिधियों को संबोधित किया और ब्रिक्स के अंदर वैकल्पिक तंत्र के जरिए सांस्कृतिक सहयोग मजबूत करने के लिए भारत का दृष्टिकोण पेश किया। इन वैकल्पिक तंत्र में महामारी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम का ऑनलाइन प्रारूप में आयोजन करना शामिल है।
उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, 'कोविड-19 का हमारे लिए दुखद अनुभव रहा है। लेकिन इसने जाहिर किया है कि प्रकृति देशों के बीच भेदभाव नहीं करती। यह जाति या नस्ल के आधार पर लोगों के बीच भेद नहीं करती।'
उन्होंने अपने संबोधन में ब्रिक्स पुस्तकालय गठबंधन के तहत 'ब्रिक्स कॉर्नर' खोलने का प्रस्ताव किया, जिसका उद्घाटन 2021 में ब्रिक्स की भारत द्वारा अध्यक्षता के दौरान किये जाने का प्रस्ताव है। यह 'कॉर्नर' ब्रिक्स देशों के इतिहास और संस्कृति से जुड़ी सूचना प्रदान करेगा।
इसमें पुस्तकें एवं अन्य ई- संसाधन होंगे, जो बिक्स देशों द्वारा उपहार स्वरूप दिए गए होंगे। उन्होंने कहा कि नेशनल गैलरी ऑफ माडर्न आर्ट्स, नयी दिल्ली, ब्रिक्स संयुक्त प्रदर्शनी की मेजबानी करेगा, जिसकी योजना पहले ही बनाई जा चुकी है। प्रदर्शनी का लक्ष्य ब्रिक्स देशों के पांच प्रतिष्ठित संस्थानों से करीब 100 कलाकृतियों को पेश करना हे।