Bribery Case: एनसीएलटी की मुंबई पीठ के उप रजिस्ट्रार चरण प्रताप सिंह को रिश्वतखोरी के मामले में एक दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा गया। सीबीआई ने उन्हें एक होटल मालिक से 3 लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जांच के लिए अधिक पूछताछ को जरूरी मानते हुए अदालत ने हिरासत की मंजूरी दी।
मुंबई की एक विशेष अदालत ने सोमवार को राष्ट्रीय कंपनी कानून अधिकरकण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ के उप रजिस्ट्रार को रिश्वतखोरी के एक मामले की जांच के लिए एक दिन की सीबीआई हिरासत में भेजने की अनुमति दी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उप रजिस्ट्रार चरण प्रताप सिंह और करसण गणेश अहीर को 29 मई को गिरफ्तार किया था। बताया गया था कि अहीर, चरण प्रताप सिंह की ओर से रिश्वत की रकम ले रहा है।
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गिरफ्तारी के बाद दोनों को उसी दिन सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया था। हालांकि, अदालत ने सीबीआई की हिरासत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि रिश्वत की राशि बरामद हो चुकी है। इसके बाद सीबीआई ने सिंह की हिरासत के लिए दूसरी बार याचिका दायर की और कहा कि उन्हें एनसीएलटी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की संभावित संलिप्तता के बारे में पूछताछ करनी है। सीबीआई ने अदालत को यह भी बताया कि जांच के दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
जांच में सामने आई जानकारी को ध्यान में रखते हुए अदालत ने कहा कि चरण प्रताप सिंह को एक दिन के लिए सीबीआई हिरासत में भेजने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। अदालत ने सीबीआई को मंगलवार को चरण प्रताप सिंह को हिरासत में लेने और अगले दिन फिर से अदालत में पेश करने की अनुमति दी। सीबीआई ने यह मामला 14 मई को दर्ज किया था। शिकायत एक होटल मालिक ने की थी, जो अपने भाइयों के साथ संपत्ति विवाद में था। यह मामला 2 नवंबर 2020 को एनसीएलटी मुंबई की कोर्ट नंबर 4 में दर्ज किया गया था और तब से लंबित है।
एजेंसी ने कहा कि वह गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी से और पूछताछ करना चाहती है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 11 मई को उप रजिस्ट्रार चरण प्रताप सिंह ने शिकायतकर्ता से 3.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसके बदले में वह एनसीएलटी मुंबई में अपने संपर्कों के जरिए मामले को शिकायतकर्ता के पक्ष में निपटवाने का वादा कर रहा था। बाद में, उन्होंने 3 लाख रुपये में समझौता कर लिया। सीबीआई ने इस मामले में जाल बिछाया और अभियान के दौरान अहीर रंगे हाथों 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। यह रकम वह उप रजिस्ट्रार सिंह की ओर से ले रहा था।