फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनजीटी की फटकार : अगर सरकार कानून लागू नहीं कर पाती है तो इसे व्यवस्था की नाकामी मानी जाएगी

Tue, 08 Jun 2021 10:47 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल की पीठ ने कहा कि तीनों राज्य और चंडीगढ़ लगातार जल प्रदूषण कर रहे हैं जो दंडनीय अपराध है। पीठ ने कहा कि यह जनता के विश्वास का हनन है।
विज्ञापन
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने घग्गर नदी में अशोधित तरल के प्रवाह को रोकने में नाकाम रहने पर पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा सरकार से नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर सरकार खुद कानून लागू करने में नाकाम रहती है तो यह व्यवस्था की ही विफलता है।

विज्ञापन


एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल की पीठ ने कहा कि तीनों राज्य और चंडीगढ़ लगातार जल प्रदूषण कर रहे हैं जो दंडनीय अपराध है। पीठ ने कहा कि यह जनता के विश्वास का हनन है। हमें लगता है कि हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब तथा केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ राज्यों के संबंधित प्राधिकारियों की ओर से कानून व्यवस्था के प्रति कोई वचनबद्धता नहीं है और नागरिकों के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण की कोई चिंता नहीं है।

अधिकरण ने पंजाब के मुख्य सचिव और चंडीगढ़ प्रशासन के सलाहकार को निर्देश दिया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों समेत कानून का पालन करने के लिए उचित उपाय करने के लिहाज से अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय से काम करें। एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), पंजाब पीसीबी और चंडीगढ़ की प्रदूषण नियंत्रण समिति की संयुक्त समिति को निर्देश दिया कि नाले का निरीक्षण करके दो महीने के अंदर ई-मेल से रिपोर्ट जमा करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें