एयरएशिया का एक विमान गुरुवार को कर्नाटक के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से राज्यपाल थावरचंद गहलोत को लिए बिना ही रवाना हो गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए विमान ने राज्यपाल के बिना ही उड़ान भर दी। हालांकि, वह हवाईअड्डे के लाउंज में इंतजार कर रहे थे।
एक पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि राज्यपाल के प्रोटोकॉल अधिकारियों ने हवाईअड्डा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं एयरलाइन ने शुक्रवार को घटना पर खेद व्यक्त किया। वहीं एयर एशिया ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
1.35 बजे ही एयरपोर्ट पर पहुंच गए थे राज्यपाल
राज्यपाल के प्रोटोकॉल अधिकारी एम वेणुगोपाल की शिकायत के मुताबिक, गवर्नर गहलोत को गुरुवार दोपहर 2.05 बजे टर्मिनल-2 से उड़ान संख्या I5 972 में सवार होकर एक कार्यक्रम के लिए हैदराबाद जाना था। राज्यपाल दोपहर 1.10 बजे राजभवन से निकले और 1.35 बजे टर्मिनल-1 के वीआईपी लाउंज में पहुंचे। उस समय तक, राज्यपाल का सामान विमान में लाद दिया गया था।
प्रोटोकॉल अधिकारी ने कहा कि उन्होंने हवाई अड्डे के अतिथि कक्ष में अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर राज्यपाल के लिए बोर्डिंग की व्यवस्था की। आगे कहा कि उन्होंने राज्यपाल के एडीसी को भी टर्मिनल-2 पर पहुंचने की सूचना दे दी थी। दोपहर 2.06 बजे राज्यपाल विमान की सीढ़ी पर पहुंचे।
राज्यपाल को देरी की बात कहकर रोका गया
शिकायत में आरोप लगाया गया कि एयरएशिया (एईएक्स कनेक्ट) के कर्मचारी आरिफ ने राज्यपाल को यह कहते हुए प्रवेश देने से इनकार कर दिया कि उनके आने में देरी हुई है विमान का दरवाजा अभी भी खुला था। इसके अलावा, गवर्नर का सामान उतार दिया गया। गवर्नर अभी भी सीढ़ी के पास खड़े थे और विमान का दरवाजा अभी भी खुला था। फिर भी, गवर्नर को फ्लाइट के अंदर न आने देकर उनकी अनदेखी की गई और उनका अपमान किया गया।
राज्यपाल गहलोत को गुरुवार दोपहर टर्मिनल-2 से हैदराबाद के लिए उड़ान भरनी थी। फिर उन्हें एक दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए सड़क मार्ग से रायचूर जाना था।
90 मिनट बाद दूसरे विमान से रवाना हुए
सूत्रों ने बताया कि जब तक वह वीआईपी लाउंज से विमान तक पहुंच पाते, तब तक विमान हैदराबाद के लिए उड़ान भर चुका था। इसके बाद राज्यपाल को हैदराबाद पहुंचने के लिए 90 मिनट बाद दूसरे विमान से रवाना होना पड़ा। गवर्नर हाउस के अधिकारी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं और एयरएशिया के अधिकारी भी इस पर कुछ नहीं बोल रहे हैं।