तमिलनाडु के कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (केकेएनपीपी) से जुड़ी इलेक्ट्रॉनिक फाइलों में डाटा सेंधमारी के मामले पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि कोई भी संवेदनशील जानकारी लीक नहीं हुई है। मंत्री ने कहा कि इस मामले में तुरंत समीक्षा करने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि यह सेंधमारी परमाणु सुरक्षा या परमाणु संयंत्र से जुड़ी नहीं है।
लीक हुआ डाटा किससे जुड़ा था?
जितेंद्र सिंह का यह बयान केकेएनपीपी का संचालन करने वाली कंपनी भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के बयान के एक दिन बाद आया है। एनपीसीआईएल ने कहा था कि लीक हुआ डाटा केवल संयंत्र के इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) अनुबंध से जुड़ा था। यह अनुबंध सामान्य सेवाओं यानी बैलेंस ऑफ प्लांट (बीओपी) पैकेज से संबंधित है।
इस अनुबंध में क्या-क्या शामिल है?
एनपीसीआईएल ने कहा कि इस अनुबंध में सामान्य सेवा सुविधाओं की इंजीनियरिंग, खरीद या आपूर्ति, निर्माण और उन्हें चालू करने का काम शामिल है। ये सुविधाएं सामान्य प्रकार की हैं और आमतौर पर ताप बिजली संयंत्रों तथा अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी पाई जाती हैं। यह अनुबंध 2018 में सार्वजनिक निविदा प्रक्रिया के जरिये रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को दिया गया था।
कुडनकुलम संयंत्र कितना बड़ा है?
कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र में रूस के साथ तकनीकी सहयोग से बनाए गए वीवीईआर डिजाइन के छह दबावयुक्त जल रिएक्टर शामिल हैं। इनमें से पहले दो यूनिट यानी केकेएनपीपी यूनिट-1 और 2 पहले से काम कर रही हैं। वहीं, यूनिट-3 और 4 का निर्माण अभी जारी है और इनके 2027 तक चालू होने की उम्मीद है।
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हैकर्स ने किन फाइलों तक बनाई पहुंच?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रैनसमवेयर समूह वर्ल्ड लीक्स ने 2016 से 2025 के मध्य तक की 19 हजार से ज्यादा बेहद संवेदनशील दस्तावेजों तक पहुंच बनाई है। इन दस्तावेजों में केकेएनपीपी की इंजीनियरिंग डिजाइन से जुड़ी जानकारियां, नियंत्रण, कूलिंग और वेंटिलेशन सिस्टम से संबंधित दस्तावेज, उपकरणों की आपूर्ति करने वाले विक्रेताओं और आपूर्तिकर्ताओं की सूची तथा बैठकों से जुड़ी परिचालन फाइलें शामिल हैं।
एनपीसीआईएल ने क्या सफाई दी?
एनपीसीआईएल ने अपने बयान में कहा, एनपीसीआईएल दोहराता है कि सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध होने का दावा की गई जानकारी केवल सामान्य बैलेंस ऑफ प्लांट (बीओपी) सुविधाओं से संबंधित है। इसका परमाणु सुरक्षा या परमाणु सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रणाली या जानकारी से कोई संबंध नहीं है।