अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के बाद रक्षा क्षेत्र से जुड़े अब एक और नया घोटाला सामने आया है। यूपीए शासनकाल में ब्राजील की एक विमान बनाने वाली कंपनी, एम्ब्रायर ने भारत से तीन EMB-145 जेट विमानों के लिए 208 मिलियन डॉलर (लगभग 1391 करोड़ रुपए) का सौदा किया था। अब इस रक्षा सौदे में ब्राजील और अमेरिकी कानून मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि इस डील के लिए एम्ब्रायर ने ब्रिटेन स्थित बिचौलिये को कमीशन दिया था। बता दें कि भारत में रक्षा सौदों के लिए इस तरह की कमीशन प्रतिबंधित है।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, इन तीन EMB-145 जेट विमान को स्वदेशी रडार से लैस कर डीआरडीओ की 2,520 करोड़ रुपये की (एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग ऐंड कंट्रोल सिस्टम्स) महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत तैयार किया गया है। एम्ब्रायर ने पहला EMB-145 जेट विमान 2011 में डीआरडीओ को सौंपा था। इसके बाद अन्य विमानों को सौंपा गया। इसके बाद डीआरडीओ ने इन्हें लंबे इंतजार के बाद पिछले साल दिसंबर में तैनात किया।
इस डील में बिचौलिए को घूस देने का मामला सामने आने के बाद रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'डीआरडीओ का कहना है कि उन्हें ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है।'